कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के दृष्टिगत सैंपल चेकिंग की जाएं

कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के दृष्टिगत गंभीरता से सैंपल चेकिंग की जाएं, स्वास्थ्य संस्थाओं में उपचार के ठोस प्रबंध सुनिश्चित करें, जिले के प्रभारी मंत्री ने संकट प्रबंधन समूह की बैठक में दिए निर्देश

By: Ashish Pathak

Published: 22 Jul 2021, 09:52 PM IST

रतलाम. जिला संकट प्रबंधन समूह की बैठक जिले के प्रभारी मंत्री ओपीएस भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को संपन्न हुई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के दृष्टिगत सैंपल चेकिंग गंभीरता के साथ सतत रूप से की जाए। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में खासतौर पर रेंडम चेकिंग करते रहें, इसके उपचार हेतु जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में नियोजित ढंग से प्रबंध सुनिश्चित करें।

बैठक में प्रभारी मंत्री भदोरिया ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण निबटने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा अल्प समय में सुनियोजित ढंग से प्रबंध किए गए और कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण हुआ। यदि तीसरी लहर आती है तो रतलाम जिले में उससे निबटने के लिए पूर्व से ही पर्याप्त संख्या में संसाधन उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। प्रभारी मंत्री ने जिला बाल चिकित्सालय को कोविड उपचार के लिए अपडेट रखने के निर्देश दिए।

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कोविड-उपचार प्रबंधन की दिशा में ठोस

बैठक में बताया गया कि रतलाम जिले में कोविड-उपचार प्रबंधन की दिशा में ठोस कार्य करते हुए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत 25 सेक्टर मेडिकल ऑफिसर को प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा मैदानी कार्यकर्ताओं जैसे एएनएम, आशा तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। नवनियुक्त नर्सिंग स्टाफ को कोविड-केयर संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। शासकीय मेडिकल कॉलेज में 114 नवनियुक्त नर्सिंग स्टाफ को आईसीयू कोविड- एचडीयू कोविड-आइसोलेशन में मरीजों के प्रबंधन तथा देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया गया है। जिला चिकित्सालय तथा बाल चिकित्सालय के समस्त पैरामेडिकल स्टाफ को बच्चों में कोविड-उपचार आईवी फ्लूड ऑक्सीजन देने के साधनों एवं निमोनिया के उपचार हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बच्चों के इलाज के लिए आरक्षित किए गए

बताया गया कि जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चों के लिए 5-5 बिस्तर इलाज के लिए आरक्षित किए गए हैं, 2-2 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एवं सिविल अस्पताल जावरा तथा आलोट में सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन की व्यवस्था बनाकर 20-20 बेल्ट लगाए गए हैं। इसके अलावा और शिवगढ़, सरवन, रावटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10-10 बेड की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज में 30 बिस्तरी पीआईसीयू एवं एनआईसीयू का निर्माण किया गया है। जिला चिकित्सालय में 20 बिस्तरी पीआइसी यूनिट का निर्माण किया गया है। बाल चिकित्सालय में ऑक्सीजनयुक्त 70 बिस्तरी वार्ड बनाया जा रहा है जिसका कार्य प्रगति पर है जो आगामी 15 दिवस में पूरा कर लिया जाएगा। मरीजों विशेषकर बच्चों के अटेंडेंट के रुकने के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में व्यवस्था बनाई गई है।

बैठक में सांसद गुमानसिंह डामोर ने कहा कि आगामी स्वतंत्रता दिवस पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया जाए क्योंकि उनके द्वारा कोरोना काल में दिन-रात समर्पित ढंग से कार्य किया गया है। विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि चिकित्सा संस्थाओं में उपलब्ध कराए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों को चलाएमान रखने के लिए प्रत्येक 6 माह में ऑपरेट किया जाए ताकि वह खराब नहीं हो। श्री गोविंद काकानी ने डेंगू रोग के संबंध में जानकारी दी। रोग से बचाव के लिए प्रभारी मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया कि कील कोरोना सर्वे टीम अपने भ्रमण के दौरान डेंगू रोग के उपचार तथा प्रबंधन का कार्य करें। स्कूल कक्षाओं के संचालन के संबंध में बताया गया कि शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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बैठक में उपस्थित

बैठक में सांसद गुमानसिंह डामोर, विधायक चैतन्य काश्यप, विधायक दिलीप मकवाना, विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे, विधायक मनोज चावला, विधायक हर्षविजय गहलोत, जिला पंचायत प्रधान परमेश मईडा, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी, सीईओ जिला पंचायत मीनाक्षीसिंह, अपर कलेक्टर जमुना भिड़े, सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता आदि उपस्थित थे।

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