बच्चों से भरा स्कूली वाहन कीचड़ में फंसा, बड़ा हादसा टला

बच्चों से भरा स्कूली वाहन कीचड़ में फंसा, बड़ा हादसा टला
बच्चों से भरा स्कूली वाहन कीचड़ में फंसा, बड़ा हादसा टला

Akram Khan | Updated: 23 Sep 2019, 05:40:10 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

बच्चों से भरा स्कूली वाहन कीचड़ में फंसा, बड़ा हादसा टला

रतलाम। जावरा क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के बंद होने के बाद भी कई क्षेत्रों में अब तक पानी भरा हुआ है। जिससे रहवासियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश थमने के बाद चार दिन बाद भी पिपलौदा रोड की कॉलोनियां अब तक पानी से लबालब है। कॉलोनी में रहवासियों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
नित्यानंद धाम कॉलोनी, सेंट पीटर्स स्कूल के साथ ही आनंद कॉलोनी में इनता पानी भरा है और इतना किचड़ हो रहा है कि इन कॉलोनियों में से बच्चे लेने आने वाले स्कूली वाहनों को भी परेशानी हो रही है। जो वाहन बच्चों को लेने आते है, उन्हे वाहन से उतार कर वाहन को सुरक्षित निकलना पड़ रहा है। इधर मंशापूर्ण रोड से कुम्हारी की ओर जाने वाले मार्ग पर इतना किचड़ भरा है, कि यहां से गुजरने वाले वाहनों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। रतलाम रोड़ पर स्थित जावरा पब्लिक स्कूल की बच्चों से भरी बस इस तरह किचड़ से सने गढ्ढे में फंस गई, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की संभावना है। इधर हाथीखाना स्थित पुलिया जो कि बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस पर से रहवासी जान जोखिम में डालकर गुजर रहे है। हाथीखाना क्षैत्र में पानी उतरने के बाद जमा हुए मलबे को भी नगर पालिका द्वारा नहीं उठाया गया है। पिपलौदा रोड़ पर स्थित स्कूल के मार्ग में पड़े गढढों में मुरम के लिए जब रहवासियों ने नपाध्यक्ष से उनके मोबाईल पर चर्चा की तो उन्होने खदानों में पानी भरा होने की बात कहकर, जल्द ही मुरम डालकर गढ्ढे भरने की बात कहीं।

दूसरी बार मकान गिरा, पटवारी ने नहीं बनाया पंचनामा

खारुआकलां. समीपस्थ गांव लूनी में जोरावरसिंह पिता लालसिंह का मकान जमींदौज हो गया। जब मकान गिरा तब उसमें कोई नहीं था। जोरावरसिंह अपनी मां सूरजकुंवर को अपने साथ कोटा ले गए थे। नही तो बड़ा हादसा हो जाता। इसके साथ ही आधा मकान समीप के हुकुमसिंह चौहान का भी गिर गया। जोरावरसिंह ने बताया कि एक महीने पहले मेरा आधा मकान गिर गया था। क्षेत्र के पटवारी नारायण मोइल के पास फोटो और दस्तावेज लेकर गया था पर पटवारी ने यह कहते हुए कागज लेने से मना कर दिया की मकान पूरा नहीं गिरा है तो मुआवजा नहीं मिलेगा। मेरा परिवार गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन यापन करते है इतनी इनकम नहीं की में घर बना सकूं। आज पूरा मकान गिर चुका है जिसमे रखा हजारों का सामान भी नष्ट हो गया अब उम्मीद है कि कोई राहत मिल सके। इस संबंध में पटवारी नारायण मोइल ने बताया कि मैंने गांव में 65 व्यक्तियों का सर्वे कर पंचनामा बनाकर तहसील में रिपोर्ट भी पेश कर दी है। यदि उक्त व्यक्ति की रिपोर्ट रह गई होगी तो सोमवार को सर्वे कर लिया जाएगा।

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