एमसीएच में पहली डिलेवरी, रीना कुंवर को हुई बेटी

- जिला अस्पताल से मरीजों को एमसीएच भेजना तो शुरू किया लेकिन दोपहर तक बीपी मापने का इस्टूमेंट ही नहीं भेजा

By: harinath dwivedi

Published: 13 Mar 2018, 11:24 AM IST

रतलाम। मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट (एमसीएच) की सोमवार से शुरुआत हो गई। कलेक्टर के निरीक्षण के बाद सोमवार से यहां पर जिला अस्पताल में प्रसुति के लिए आने वाली महिलाओं को लाने का काम शुरू हो गया। इसके साथ ही नए भवन के लेबर रूम में दोपहर 2.15 बजे धामनोद की रीना कुंवर पति धर्मेंद्र सिंह को बालिका हुई।

 

एमसीएच भवन में सड़क बनने के बाद ताबड़तोड़ इसकी शुरुआत भी सोमवार से कर दी गई, लेकिन अब तक यहां पर मरीजों के उपचार से जुड़ा प्राथमिक सामान भी ठीक से नहीं पहुंच सका है। पहले दिन यहां भर्ती मरीजों का बीपी मापने के लिए शाम तक उपकरण भी नहीं था। शाम करीब ४ बजे एक महिला की तबीयत बिगड़ती देख यहां मौजूद नर्स ने बीपी मापने का उपकरण तलाशा जो नहीं मिला। बाद मेंउसने तत्काल जिला अस्पताल जाकर मरीज का बीपी मापने के लिए उपकरण बुलवाया।

दिनभर आते रहे मरीज
जिला अस्पताल से मरीजों को शिफ्ट करने का काम यहां दिनभर चलता रहा। दोपहर बाद यहां पर ओटी का सामान भी आना शुरू हो गया। पहले दिन स्वास्थ्य विभाग का अमला यहां पर पूरे समय व्यवस्थाओं को जुटाने में लगा नजर आया। दोपहर तक यहां पर दस महिलाओं को उपचार के लिए लाया जा चुका था, जिनकी देख-रेख के लिए यहां पर स्टाफ नर्स के साथ अन्य कर्मचारी यहां पर मौजूद रहे।

सिर्फ नए मरीज आ रहे
अस्पताल प्रबंधन फिलहाल एमसीएच भवन में सिर्फ नए मरीजों को ही लाकर भर्ती किए जाने का काम कर रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों को फिलहाल परेशान नहीं किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले नए मरीजों को जांच के बाद सीधे एमसीएच भेज रहे है। यहां पर शाम के बाद ओटी भी पूरी तरह से तैयार हो गई। साथ ही महिलाआें की जांच व सोनोग्राफी की व्यवस्था भी यहां शुरू हो चुकी है।

तीन माह लगे शुरू होने में
एमसीएच का लोकापर्ण वैसे तो ८ दिसंबर को राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष व शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने किया था। उसके कुछ दिन बाद ही यहां पर एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाकर ओपीडी की शुरुआत भी कर दी गई थी। उसके बाद से लगातार कलेक्टर निरीक्षण कर यहां सभी व्यवस्थाएं जल्द जुटाने के निर्देश देते रहे थे। एेसे में अस्पताल प्रबंधन भी हमेशा जल्द शिफ्ंिट की बात कहता रहा, लेकिन आज तक यहां पर सारी सुविधाएं वह नहीं जुटा सका। मरीजों के आते साथ ही यहां जरूरतों का सामान भी आता नजर आया।

इनका कहना है
शुरू कर दी ओटी
- जिला अस्पताल में पूर्व से भर्ती मरीजों को यहीं से डिसचार्ज कर दिया जाएगा। यहां आने वाले नए मरीजों को एमसीएच में शिफ्ट किया जा रहा है। एमसीएच में पहली डिलेवरी भी नॉर्मल हुई है। यहां की ओटी भी पूरी तरह से तैयार है। वहीं सोनोग्राफी मशीन व चिकित्सक की व्यवस्था भी कर दी गई है।
डॉ. आनंद चंदेलकर, सिविल सर्जन, रतलाम

harinath dwivedi Editorial Incharge
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