जैन संत की महाप्रयाण अंतिम यात्रा निकली तो छलके सभी के आंसू

जैन संत की महाप्रयाण अंतिम यात्रा निकली तो छलके सभी के आंसू

रतलाम। नागेश्वर तीर्थ के संस्थापक राजस्थान सरकार से भामाशाह से सम्मानित दीपचंद जैन की महाप्रयाण अंतिम यात्रा शुक्रवार को जब निकली तो हर आंख से आंसू छलक पड़े। इस दौरान हजारों हाथ से पुष्प अर्पित किए गए। पुत्र मोहनलाल व धर्मचंद जैन परिवार ने मुखाग्नि दी। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत शनिवार को सुबह 10.15 बजे नागेश्वर उन्हेल पहुंचकर शोक सांत्वना देंगे। महाप्रयाण यात्रा के बाद हुई शोकसभा में वक्ताओं ने जैन के जाने को जिनशासन की बड़ी क्षति बताया।

शुक्रवार को नागेश्वर उन्हेल में जैन की अंतिम यात्रा उनके निज निवास स्थान से निकाली गई। यात्रा गांव भ्रमण के बाद उनके स्वयं के कृषि फार्म पर पहुंची। जगह जगह रास्ते में महिला बच्चे और बुजुर्ग ने दोनों हाथों से पुष्प वर्षा कर उन्हें नम आंखों से विदाई देकर उनके द्वारा किए गए समाजहीत व गांवहीत के कार्यो को याद कर रहे थे। जैन कृषि फार्म पर आयोजित शोकसभा में आलोट विधायक मनोज चावला, चोमेहला डग के पूर्व विधायक मदनलाल वर्मा, आलोट के पूर्व विधायक जितेंद्र गेहलोत, नागेश्वर तीर्थ पेढ़ी के कोषाध्यक्ष प्रसन्न लोड़ा सहित रतलाम, आलोट, चोमेला, डग मंदसौर, नीमच, प्रतापगढ़, महिदपुर, उज्जैन, मुंबई, अहमदाबाद आदि कई जैन श्री संघ के सदस्यों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, सांसद दुष्यंत सिंह, राजस्थान सरकार के मंत्री प्रमोद जैन भाया ने मोबाइल से शोक संदेश देकर श्री जैन की अपूर्व क्षति बताया। वही आचार्य ऋषभ विजय, विश्व रत्नसागर, बंधुबैलेडी जिनचंद्र सागर, हेमचंद्र सागर, नित्यसेन सूरी, आचार्य अशोक सागर आदि ने अपने शोक संदेश भेज कर जैन के दुखद निधन पर जिनशासन की एक बड़ी क्षति बताई।

Akram Khan Desk
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