दूसरे का मकान बेच खुद हो गया गुमशुदा

दूसरे का मकान बेच खुद हो गया गुमशुदा

By: kamal jadhav

Updated: 27 Nov 2019, 12:55 PM IST

रतलाम। बरवड़ रोड पर एक दुकान दिखाकर उसके नाम से फर्जी अनुबंध तैयार करवाया और एक युवक ने दूसरे को एक मकान बेच दिया। इसकी जानकारी खरीदार को मिली तो उसने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिससे मकान का सौदा किया था उसके हस्ताक्षर तो अनुबंध पर फर्जी है ही जिसने मकान के पेटे राशि ली वह गायब हो चुका है और उसके परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी थाने पर लिखवा दी। मकान खरीदने की आस में साई पेटे १३ लाख ७० हजार रुपए देने वाला ठगा सा रह गया। अब पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत की है। उसके साथ धोखाधड़ी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

आवेदनकर्ता चिंगीपुरा निवासी नवाज खान पिता इम्तियाज खान ने बताया कि पुरोहितजी का वास निवासी शोएब पिता लियाकत खान ने बरवड़ रोड पर सर्वे क्रमांक ५४/२८५/२ की भूमि पर बने दो मंजिला मकान दिखाते हुए बताय ाकि यह मकान मुनीरा व बुरहानु²ीन का है जिसे बेचना है। शोएब ने नवाज खान से कहा कि ६३ लाख ७० हजार में मकान दोनों खरीद लेते हैं। इसके साइ पेटे १३ लाख ७० हजार रुपए नवाज खान से दो गवाहों समीर पिता वकील और परवेज पिता इकबाल के सामने लिए। शोएब ने बताया कि प्राथी मुनीरा से उक्त अनुबंध की बात कही तो उसने मकान बेचने की बात से इनकार करते हुए कहा कि उसने हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं। मुनीरा के जेठ असगर अली ने बताया कि उसका भाई कुवैत में है और उसे शोएब ने जो अनुबंध किया वह फर्जी है। नवाज ने शोएब के घर पर पता किया तो उसके पिता का कहना था कि शोएब कहीं चला गया है और स्टेशन रोड थाने पर उसकी गुमशुदगी दर्ज करवा रखी है। अब वह नहीं मिल रहा है और उसके साथ १३ लाख ७० हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई है।

भूखंड खरीदा और उसका नाम गायब
ओसवाल बड़े साथ गृह निर्माण समिति मे्ं १९८९ में भूखंड खरीदने वाले नंदकिशोर पिता गोविंदराम सोनी का भूखंड वर्षों बाद समिति के आडिट से ही गायब हो गया। इसकी शिकायत भी २०१२ में की गई थी किंतु आज तक कार्रवाई नहीं हुई। सोनी ने मंगलवार को दोबारा आवेदन देकर इस पर कार्रवाई की मांग पुलिस अधीक्षक से की है।

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