मध्यप्रदेश के इस जिले का मसला संसद में उठते ही गृह मंत्रालय सक्रिय

मध्यप्रदेश के इस जिले का मसला संसद में उठते ही गृह मंत्रालय सक्रिय

Sachin Trivedi | Updated: 27 Jun 2019, 01:51:44 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

सांसद गुमानसिंह डामोर ने शून्यकाल में मध्यप्रदेश की सरकार को भंग करने की मांग की थी

रतलाम. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं को बंदीगृह में कपड़े उतरवाकर पीटने के मामले की गूंज बुधवार को संसद में सुनाई दी। रतलाम सांसद गुमानसिंह डामोर ने शून्यकाल में मामला उठाते हुए लोकसभा अध्यक्ष से प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भंग करने मांग कर दी। सांसद ने कहा कि रतलाम में (POLICE) पुलिस अराजकता फैला रही है, प्रदेश में ऐसे कई मामले सामने आ गए है। संसद में मसला उठने के बाद गृह मंत्रालय अचानक सक्रिय हो गया है, क्योंकि शून्यकाल के नियमों के तहत उठाए जाने वाले मुद्दें पर सरकार को अपना मत स्पष्ट करना पड़ सकता है, ऐसे में गृह मंत्रालय (HOM MINISTRI) के जरिए लाठीचार्ज कांड का पूरा ब्यौरा भी लोकसभा अध्यक्ष तलब कर सकते है, हालांकि ये सबकुछ अध्यक्ष के रूख पर निर्भर करता है, लेकिन भाजपा और अभाविप के बड़े प्रतिनिधि अब मामले को विधानसभा में भी उठाने की तैयारी में जुट गए है।

आगामी विधानसभा सत्र में प्रदेश की सरकार से जवाब मांगेंगे
शहर के औद्योगिक थाना पुलिस के लिए अभाविप और भाजयुमो कार्यकर्ताओं को पीटने का मामला बुधवार को ( BJP MP) रतलाम सांसद गुमानसिंह डामोर ने शून्यकाल के दौरान (PARLIYAMENT) संसद में उठाया। सांसद डामोर ने कहा कि एक आपसी विवाद की सूचना देने गए हमारे कार्यकर्ताओं को इतना पीटा कि उनको अस्पताल में दाखिल करना पड़ा, ऐसे अब तक तीन मामले आ चुके है। प्रदेश सरकार से कानून व्यवस्था संभल नहीं रही, इसलिए इस सरकार को भंग कर देना चाहिए।

विधानसभा में भी सरकार से होगा सवाल
रतलाम ग्रामीण विधायक (BJP MLA) दिलीप मकवाना बुधवार को अभाविप और एफएसडी के संयुक्त प्रदर्शन में शामिल हुए। अजाक थाना पर दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर कार्रवाई करने की मांग करते हुए विधायक मकवाना ने कहा कि (ASSEMBLI) विधानसभा सत्र में वे पुलिस की इस बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाएंगे, सरकार से जवाब लिया जाएगा।

गुरुवार को भी धरने की दी चेतावनी
वहीं, मामले में बुधवार को भाजपा (BJP) ने शहर के दो बत्ती पर पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ धरना दिया। धरने में शहर विधायक चेतन्य काश्यप सहित कई नेता शामिल हुए। राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गुरुवार को भी अभाविप ने एट्रोसिटी (ATROCITY) में पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

 

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