भड़के किसान: रतलाम मंडी बंद क्यों नहीं कर देते, मंदसौर मंडी में है यहां से अच्छी व्यवस्था

भड़के किसान: रतलाम मंडी बंद क्यों नहीं कर देते, मंदसौर मंडी में है यहां से अच्छी व्यवस्था

harinath dwivedi | Publish: Mar, 14 2018 05:12:13 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

शाम को निलामी बंद होते ही आक्रोशित किसान पहुंचे सहायक सचिव के कक्ष में कहा मनमर्जी से निलाम बंद और चालू कर रहे हर कम ट्राली का निलाम

रतलाम। मंडी में कर्मचारी और व्यापारियों की मनमर्जी से चल रही है, ना तो मंडी निलामी चालू करने का कोई समय है और ना ही बंद करने...हर दिन ४०० से ४५० ट्राली निलाम कर निलामी बंद कर रहे हैं, जबकि ५०० ट्राली का नियम है। कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है, अध्यक्ष को फोन लगाया उठाया नहीं। हमेशा कर्मचारी कमी का रोना रोते है...मंडी पर ताला लगाकर बंद कर दो। तीन दिन से ट्राली कम निलाम कर रहे हैं। किसान घर छोड़कर मंडी में दिन-रात परेशान हो रहा है। कर्मचारियों ने ही यहां कि व्यवस्था बिगाड़ी...यहां से तो अच्छी मंदसौर मंडी की व्यवस्था है। यहां ना तो रात्रि में विश्राम गृह और ना ही खाने पीने की व्यवस्था।
यह कहना था उन आक्रोशित किसानों का जो मंगलवार को ५०० से कम ट्राली निलाम करने पर भड़क गए और सहायक सचिव सत्यनारायण गोयल के कक्ष में निलामी शुरू करने की मांग करने लगे। जैसे ही निलामी बंद होने का कहा तो किसान कहने लगे कि व्यवस्था नहीं संभलती है तो मंडी पर ताला लगा लो। इस दौरान मंडी डायरेक्टर सुरेंद्रसिंह भाटी ने किसानों को समझाईश देते हुए मामले को शांत की कोशिश की। इस पर सहायक सचिव ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कल से मंडी में ५०० ट्राली निलाम की जाएगी। इस पर किसान फिर भड़क गए और कहने लगे कि तीन दिन से क्यों नहीं कर रहे हैं, कहां गए थे। अगर व्यवस्था नहीं सुधरती है तो मंडी बंद कर दो नहीं तो कल ही कलेक्टर को बुलाते हैं।

इसलिए भड़के किसान...

किसान रामरतन पाटीदार, किशनसिंह, सोहनलाल ने बताया कि दो दिन से परेशान हो रहे हैं, आज ३७५ ट्राली ही निलाम की, जबकि ४०० के करीब ट्राली निलाम होने शेष रह गए। निलामी शुरू और बंद करने का भी समय नहीं है, आज शाम ४ बजे निलाम करने आए और ५ बजे पूर्व ही बंद कर दिया। कार्यालय में अधिकारी से मिले तो उनका कहना था कि निलाम करने वाले कर्मचारियों की कमी है। किसानों ने कहा कि पिछले साल ६००-७०० तक ट्राली निलाम हुई इसी मंडी में है।

किसानों ने मंडी डायरेक्टर को घेरा...
निलामी बंद होने के बाद किसान नाराज नजर आए तो व्यापारी राकेश लाठी ने मंडी डायरेक्टर के पास किसानों को पहुंचाते हुए कहा कि यह भी मंडी डायरेक्टर है, यह समस्या हल कर देंगे। इतने में किसानों ने डायरेक्टर सुरेंद्रसिंह भाटी को घेर लिया। भाटी ने किसानों को समझाईश देते हुए वह किसानों के साथ है, फिर सभी मंडी कार्यालय पहुंचे और सहायक सचिव से बात की। भाटी ने कहा कि मंडी सचिव की अनुपस्थिति में कोई जिम्मेदार व्यवस्था संभालने वाला नहीं था। किसान समय पूर्व और कम निलामी के कारण आक्रोशित थे। उन्हे समझाईश दी गई, लेकिन मंडी में सुधार के लिए सख्ती से निर्णय लेने की जरुरत है। ऐसा नहीं की जिला प्रशासन सहयोग नहीं करता है। इसके पूर्व भी मैने मंडी इंस्पेक्टर रूमालसिंह और ग्रेवाल को जो रोडवान का निलामी के दौरान सचेत किया था, लेकिन उन्होंने अनसुनी कर दी।

हर दिन की तरह, ५०० ट्राली ही निलाम हुई
आज भी ५०० ट्राली ही निलाम हुई थी, सुबह १० से शाम ५ बजे तक निलाम हो रही है। ४० ट्राली प्लेटफार्म पर किसानों ने ढेर कर दिया था, इसमें डेढ़-दो घंटे लग गए। ट्राली उतनी ही निलाम हुई जितनी हर दिन होती है। डेढ़ घंटे प्लेटफार्म पर निलामी के लिए लगता है। शाम तक ५०० ट्राली मंडी परिसर में खड़ी है।

सत्यनारायण गोयल, सहायक सचिव
कृषि उपज मंडी, रतलाम

अमानक स्तर पर गेहूं खरीदने पर संबंधित खरीदी केन्द्र के विरुद्ध कार्रवाई

जिले में २८ केंद्रों पर समर्थंन मूल्य पर गेहूं खरीदी १५ मार्च से, तैयारियां पूर्ण, कलेक्टर ने बैठक में की व्यवस्थाओं की समीक्षा

रतलाम। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं की खरीदी 15 मार्च से शुरू होगी। किसानों के रकबे में भू-अभिलेख के अनुसार जहां अंतर आया है, उसकी दुरुस्ती 14 मार्च तक कर ली जाए। एक ही किसान के एक से अधिक पंजीयन होने की स्थिति में जांच कर दो दिवस में निराकरण किया जाए। सभी एसडीएम, किसानों द्वारा बोये गए रकबे की जांच रेण्डम अनुसार तीन दिवस में करें। खरीदी केन्द्रों पर एफएक्यू क्वालिटी के मापदण्डों के अनुसार ही खरीदी की जाए। अमानक स्तर पर गेहूं खरीदने की स्थिति में संबंधित खरीदी केन्द्र के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश
मंगलवार को बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने खरीदी केन्द्र प्रभारियों को दिए। जिले में गेहूं खरीदी की तैयारियों की समीक्षा अधिकारियों के साथ की। उन्होंने निर्देश दिए कि खरीदी केन्द्रों पर तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं हो। बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. कैलाश बुन्देला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रतलाम जिले के सभी 28 उपार्जन केन्द्रों पर खरीदी की सभी जरूरी तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। खरीदी केन्द्रों पर तौल कांटे, नमी मापक यंत्र , बारदान, सिलाई मशीन इत्यादि आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।

जिले में 28 खरीदी केन्द्र, २९८४३ किसानों के पंजीयन
जिले में 15 मार्च से 15 मई तक समर्थन मूल्य पर की जाने वाली गेहूं खरीदी के लिए 28 केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए किसानों के नवीन पंजीयन के तहत 14945 किसान पंजीकृत हुए हैं। कुल किसानों की पंजीयन संख्या 29843 है। इतने ही किसानों का पंजीयन सत्यापित भी हो चुका है। विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी समिति जावरा, आलोट विपणन सहकारी संस्था आलोट, प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था ताल, विपणन सहकारी संस्था सैलाना, सेवा सहकारी संस्था रिंगनोद, पिपलौदा, कालूखेड़ा, सुखेड़ा, ढोढर, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था शिवगढ़, सरवन, रावटी, बिरमावल, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति शिवपुर, सेवा सहकारी संस्था धामनोद, बिलपांक, बांगरोद, बाजना, धरोल, पिपलिया सिसौदिया, पाटन, खारवांकला, भीम, प्राथमिक कृषि साख समिति शेरपुर, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धराड, बडावदा, बरखेड़ाकलां तथा दीनदयाल विपणन सहकारी संस्था जावरा पर खरीदी की जाएगी।

लहसुन को भावांतर में शामिल करने की कृषि मंत्री से मांग

रतलाम। भाजपा किसान मोर्चा जिलामहामंत्री धर्मेंद्रसिंह देवड़ा ने लहसुन को भावांतर योजना में लेने के लिए मप्र शासन के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन को पत्र लिखकर मांग की है। देवड़ा ने पत्र में लिखकर अवगत कराया कि लहसुन के भाव कम होने के कारण किसानों को उपज का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। इसलिए इसको भी भावांतर में शामिल किया जाए। राज्यकृषक आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार से भी मिलकर चर्चा की

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