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Kyrgyzstan Violence: लौटकर आया स्टूडेंट बोला, सोचा नहीं था कि कभी भारत लौटेंगें, रोंगटे खड़े कर देगा आंखों देखा हाल

Indian Students Returned Home: रत सरकार के प्रयासों से किर्गिस्तान की हिंसा में फंसे कई भारतीय स्टूडेंट्स अपने देश लौट आए हैं। कुछ का अभी लौटना बाकी है। जो लौटे उनका कहना है कि सोटा ही नहीं था कभी अपने देश लौट पाएंगे, सुनाया आंखों देखा मंजर

रतलामMay 27, 2024 / 02:41 pm

Sanjana Kumar

Kyrgyzstan

अपने माता-पिता के साथ किर्गीस्तान से भारत लौटा एमपी का लाल पुष्पेंद्र।

Indian Students Returned Home: फ्रीगंज निवासी पार्षद मनीषा विजयसिंह चौहान के पुत्र पुष्पेंद्रसिंह भारत सरकार और मप्र सरकार के प्रयासों से किर्गिस्तान से सकुशल लौट आए हैं। पत्रिका से चर्चा में पुष्पेंद्र ने जो आपबीती बयां की वह रोंगटे खड़े करने वाली है। 17 मई की भयावह रात वे जिंदगीभर नहीं भूलेंगे। यही नहीं इसके बाद के चार-पांच दिन भी बहुत मुश्किल से निकले।
पुष्पेंद्रसिंह बताते हैं कि 17 मई की रात जैसे ही सोशल मीडिया पर मारकाट और हत्या के वीडियो देखे कुछ समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। फिर जैसे ही जानकारी लगी कि किर्गिस्तानी और इजिप्ट के लोगों के बीच खून-खराबा हो रहा है और उनके सिर खून ऐसा सवार है कि जो सामने आ रहा उस पर हमला कर रहे हैं। हमें लगा कि ये लोग हमारे इधर नहीं आ जाए वरन हम कैसे बचेंगे। एक बार तो लगा कि भारत पहुंच पाएंगे या नहीं लेकिन ईश्वर की मेहरबानी है कि आज सकुशल लौट आए हैं।

अक्टूबर में गए थे किर्गिस्तान

पुष्पेंद्र 5 अक्टूबर 2023 को दिल्ली से किर्गिस्तान के लिए निकले थे। वे किर्गिस्थान की राजधानी बिशकेक के इंटरनेशनल हायर स्कूल ऑफ मेडिसिन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। तब से वहीं पर एक फ्लैट में तीन अन्य दोस्तों नागदा के ऋतुराजसिंह डोडिया, यशवंत राठौर और हरियाणा के शक्ति राणा के साथ रहते थे। जिस जगह दंगे हुए वह स्थान उनके फ्लैट से महज डेढ़ से दो किमी दूर ही था।
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प्रोफेसरों और फ्लैट मालिक ने मदद की

पुष्पेंद्र बताते हैं कि दंगों के बाद हम फ्लैट में ही कैद रहे। फ्लैट मालिक और पड़ोसी ने हमारी जरुरतों की खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध करवाकर मदद की। पुष्पेंद्र के अनुसार प्रोफेसरों ने भी उन्हें जरुरी वस्तुएं देकर ढाढस बंधाया कि सब ठीक होगा। हमने परिस्थिति ठीक होने का इंतजार किया। घर पर पिता संपर्क विजयसिंह से किया। उन्होंने अपने स्तर पर कोशिशें करना शुरू की। शहर विधायक चेतन्य काश्यप के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश और केंद्र सरकार के प्रयासों से 24 मई की फ्लाइट मिली और अब अपने घर आ गए हैं।
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अब भी है कई स्टूडेंट

पुष्पेंद्रसिंह बताते हैं कि उनकी जानकारी के अनुसार अब भी वहां इस क्षेत्र से जुड़े 25 से 30 स्टूडेंट बचे हैं। इन्हें भी लाने के प्रयास हो रहे हैं। कुछ की आगामी दिनों में फ्लाइट बुक हो चुकी है। अब हालात सामान्य होते जा रहे हैं। 15 अगस्त के बाद परीक्षा के लिए हमें फिर से किर्गिस्तान जाना है।

ये मंजर थे वहां, पुष्पेंद्र ने सुनाया हाल

● पाकिस्तान व बांग्लादेशी और इजिप्ट के लोगों के बीच यह मारकाट मची थी।

● मारकाट करने वाले भवनों-हॉस्टल में घुसकर लोगों और स्टूडेंट को मार रहे थे।
● 18 मई के बाद चारों तरफ पुलिस तैनात हो गई तो कुछ हालात सुधरे।

● 20 मई को थोड़ा बाहर निकले तो स्थानीय लोगों ने भी कहा कि डरने की जरुरत नहीं है।

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