हफ्ते में 4 दिन स्कूलों का करे निरीक्षण

- स्कूलों में शिक्षकों पर रहेगी प्रशासन की नजर

By: Sourabh Pathak

Published: 13 Oct 2021, 02:06 PM IST

रतलाम। स्कूल के समय वहां से गायब रहने वाले शिक्षकों पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर ने इसकी जिम्मेदारी अब खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है। जिले के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की अनुपस्थिति, बगैर बताए गैर हाजरी, बगैर अवकाश स्वीकृति के स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने नाराजगी जताई है। शिक्षक स्कूल से गायब न हो उस पर नजर रखने के लिए कलेक्टर ने खंड शिक्षा अधिकारी को सप्ताह में 4 दिन स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।

कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि यदि शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई तो ना केवल शिक्षक बल्कि अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों में समय सीमा में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसके लिए सभी एसडीएम, तहसीलदारों तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी स्कूलों के निरीक्षण और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।

पटवारी मुख्यालय पर ही रहे
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की भी जानकारी ली गई। शासन के निर्देशानुसार पटवारियों की सोमवार तथा गुरुवार को उनके मुख्यालय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। अन्यथा की स्थिति में संबंधित तहसीलदार जिम्मेदार रहेगा। भू-माफिया तथा अन्य माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

सीएम हेल्पलाइन लाइन की जानकारी
कलेक्टर ने बैठक में वाणिज्य कर अधिकारी को भी उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा में सहकारिता विभाग को बेहतर कार्य करने के लिए निर्देशित किया। ऊर्जा विभाग को 90 अंक लाने, जावरा के तहसीलदार तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं आलोट मुख्य नगरपालिका अधिकारी के कमजोर परफॉर्मेंस पर नाराजगी व्यक्त की गई। आलोट, जावरा के नगर पालिका अधिकारियों के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कारण जिले की रैंकिंग खराब हो रही है।

जिला पंचायत सीईओ का दिया उदाहरण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर ननावरे को कलेक्टर ने निर्देशित किया कि वह जिले का सतत भ्रमण करें और स्वास्थ्य कार्यक्रमों योजनाओं की मानिटरिंग करें। इस संदर्भ में कलेक्टर द्वारा जिला पंचायत सीईओ जमुना भिड़े का उदाहरण दिया गया जिनके द्वारा सीईओ का चार्ज लेने के मात्र 12 दिनों में ही सभी जनपद पंचायतों का भ्रमण कर लिया गया। आरटीओ को भी सीएम हेल्पलाइन परफॉर्मेंस में सुधार के लिए निर्देशित किया गया।

जिले में करे भ्रमण
जिले में वनाधिकार अधिनियम के तहत बाजना तथा सैलाना क्षेत्रों के आदिवासी हितग्राहियों को सभी शासकीय दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आईडी उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। कलेक्टर ने कहा कि टूर प्रोग्राम नियमित रूप से बनाकर कलेक्टर से अप्रूव करवाएं। सप्ताह में कम से कम 2 दिवस मैदानी क्षेत्र का भ्रमण अनिवार्य रूप से करें।

Sourabh Pathak Reporting
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