सोशल मीडिया पर ये पोस्ट की तो आ सकते है परेशानी में


न चुनाव लड़ पाएंगे, न मिलेगी कोई सरकारी नौकरी, न रहेगा आधारकार्ड न रहेगा पैन कार्ड

By: harinath dwivedi

Published: 09 Dec 2017, 03:48 PM IST

रतलाम। आप सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते है। आप कोई पोस्ट देखते है जो आपको अच्छी नहीं लगती व आपकी भावना भड़क जाती है। इसके बाद आप दनादन बेकाबू होकर कुछ भी लिख देते है। आप अनेक प्रकार के सोशल मीडिया पर तरह-तरह की पोस्ट करते है, तो अब जरा संभल जाए। ये खबर आप के लिए ही है। रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के आदेश पर अब सायबर सेल आपके हर उस संदेश की जासूसी करेगा, जिसकी वजह से समाज का वातावरण आप खराब करने में सहयोगी बन सकते है।

सोशल मीडिया से किसी भी तरह की भड़काउ, आपत्तीजनक या एेसी कोई पोस्ट जो भावना आहत करती है, उसको डालने से पहले जरा संीाल जाए। आप अगर ये सोचते है कि रात को या देर रात को आप कोई पोस्ट करते सो जाएंगे तो आप गलत है। आपकी नींद में खलल डालने रतलाम पुलिस आ जाएगी। एेसे में ये जरूरी है कि पोस्ट करने या किसी पोस्ट को लाइक करने या फिर उस पर जवाब देने से पहले आप संभल जाए।

प्रकरण हुए है दर्ज

असल में रतलाम में कुछ दिन में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट करने के बाद पुलिस में प्रकरण दर्ज होने के मामले सामने आए है। इसके बाद भी समाज कंटक लोग संभले नहीं, बल्कि इनका व्यवहार इस तरह का जारी रहा। एेसे में रतलाम पुिलस ने अब सख्त होने का निर्णय ले लिया है। शनिवार को एसपी अमितसिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को इस मामले में सख्त रुप रखने व सतत नजर रखने के निर्देश जारी कर दिए है। इतना ही नहीं, सायबर सेल को विभिन्न सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।

सायबर अपराध में दर्ज होगा प्रकरण

एसपी सिंह के अनुसार अब किसी ने गलती का दोहराव किया, या फिर कुछ एेसा किया जिससे समाज में शांति भंग होने का अंदेशा है तो इंडियन पुलिए एक्ट की सायबर धाराओं में प्रकरण दर्ज हो जाएगा। एेसे में प्रकरण एक बार दर्ज हो गया तो फिर सरकार की किसी भी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। उदाहरण के लिए आप बीपीएलधारक है तो आपका कार्ड निरस्त हो जाएगा। इतना ही नहीं, आपका ड्राइवींग लाईसेंस से लेकर पेन व आधार कार्ड भी निरस्त हो सकता है। इतना ही नहीं, न तो चुनाव लड़ पाएंगे न कोई सरकारी सेवा का लाभ ले पाएंगे। सबसे बड़ी बात किसी सरकारी नौकरी के योग्य नहीं रहेंगे।

 

harinath dwivedi Editorial Incharge
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