VIDEO: 350 साल पुराने मंदिर से जगन्नाथ यात्रा

350 साल पुराना मंदिर उड़ीसा शैली की शिल्प कल्पना का नायाब उदाहरण है।

By: Hitendra Sharma

Published: 12 Jul 2021, 04:09 PM IST

Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

रतलाम- थावरिया बाजार स्थित 350 साल पुराना मंदिर उड़ीसा शैली की शिल्प कल्पना का नायाब उदाहरण है। मंदिर पत्थर और ईंटों से बना हुआ है। बाहर पत्थरों की मूर्तियां विराजमान है। शहर का सबसे पुराना मंदिर होने से इस दिन दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

यात्रा महोत्सव समिति के अध्यक्ष मंगल लोढ़ा द्वारा बताया गया कि इस मंदिर के मुख्य द्वार पर हनुमान जी और गणेश जी की प्रतिमा है खास बात यह है कि हनुमान जी का मुख शेर की भांति लगता है, और गणेश जी की प्रतिमा जो शेषनाग के साथ है उसी प्रकार जो अंदर की मुख्य भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित भगवान जगन्नाथ प्रतिमा है वह स्फटिक पत्थर पर तराशी है ओर एक ही पत्थर पर बनी है, जगन्नाथ जी के बड़े भाई बलभद्र की प्रतिमा भी एक पत्थर पर तराशी है ओर बहन सुभद्रा की प्रतिमा भी एक पत्थर पर तराशी गयी है।

यहां हर वर्ष जगन्नाथ जी की यात्रा निकाली जाती जिसमे उड़ीसा से मंगवाई गयी काठ की प्रतिमा जगन्नाथ जी बलभद्र ओर सुभद्रा जी को रथ में सवार कर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के साथ पूरे शहर का भ्रमण कर मंदिर पर समाप्त की जाती है। प्रशासन से यात्रा की अनुमति नही मिलने पर इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते यह यात्रा प्रतीक स्वरूप निकाली जाएगी ।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned