35 साल बाद मध्यप्रदेश में दोहराई गई केरल की मर्डर मिस्ट्री

35 साल बाद मध्यप्रदेश में दोहराई गई केरल की मर्डर मिस्ट्री

Sachin Trivedi | Publish: Jan, 30 2019 05:35:29 PM (IST) | Updated: Jan, 30 2019 05:35:30 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

35 साल बाद मध्यप्रदेश में दोहराई गई केरल की मर्डर मिस्ट्री

रतलाम. पुलिस की कठोर पूछताछ से कई दिन तक सहमे रहे मालवीय परिवार में अब मौत का मातम पसरा है। दुख में डूबे परिजन ने मंगलवार को मदन के तीसरे की रस्म पूरी की। इस बीच मदन की हत्या के आरोपी संघ कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार का सुराग लेने एसपी, एसडीओपी और टीआइ सहित कमेड़ गांव पहुंचे। पुलिस को आशंका है कि घर का कोई और सदस्य हिम्मत की साजिश में शामिल था। अपने नौकर की हत्या कर उसे खुद की हत्या की शक्ल देने जैसा एक मामला 35 साल पहले केरल में भी हुआ था। सुकुमार कुरुण नामक व्यक्ति ने 8 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी के लिए चाको नामक एक व्यक्ति की हत्या कर उसकी लाश को जलाकर अपनी लाश के रूप में पेश करने का षड्यंत्र रचा था। पुलिस ने लाश बरामद कर मिले सबूतों के आधार पर कुरुप की साजिश तो नाकाम कर दी, लेकिन अभी तक उसे पकड़ नहीं पाई है। 35 साल से केस फाइल बंद नहीं हो पा रही है।

लिफ्ट देकर की थी हत्या
केरला में 22 जनवरी 1984 को फिल्म वितरण प्रतिनिधि चाको का जला शव पुलिस को अलाप्पुझा जिले में कार में मिला था। पुलिस ने पहले तो इसे सुकुमार कुरुप का शव मानकर जांच शुरू की, लेकिन जैसे ही गहराई में गई तो पता चला लाश चाको की है और जिस सुकुमार को मृत समझा जा रहा था वही इस मामले का मुख्य आरोपी है। अबू धाबी की एक तेल कंपनी में काम करने वाले कुरुप ने अपने ड्राइवर और दो साथियों को साजिश में शामिल किया। सड़क किनारे खड़े चाको को लिफ्ट दी और खूब शराब पिलाकर उसका गला घोंट दिया। बाद में लाश को ड्राइवर की सीट पर बैठाकर आग लगा दी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस जांच घूमी
चाको की मौत की जांच कर रही केरल पुलिस को गड़बड़ी की पहली आशंका पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से हुई। पीएम रिपोर्ट के अनुसार चाको के श्वास तंत्र में कार्बन के कण नहीं पाए गए, जबकि प्रथमदृष्ट्या उसकी मौत जलने से हुई थी। यहीं से पुलिस की जांच घूमी और सुकुमार की तलाश होने लगी। हत्या में सुकुमार का साथ देने वाले ड्राइवर पोनप्पन, पिल्लई और शाहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शाहू सरकारी गवाह बन गया। पिल्लई और पोनप्पन को उम्रकैद हो गई। वे सजा काटकर बाहर भी आ गए, लेकिन मुख्य आरोपी सुकुमार अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

केरल की मर्डर मिस्ट्री पर दो मलयालम फिल्में
केरला की मर्डर मिस्ट्री पर अब तक दो मलयालम फिल्म एनएच 47 और पिनेयूम बन चुकी है। पिनेयूम 2016 में दिग्गज फिल्म निर्देशक अडूर गोपालकृष्णन ने बनाई है।

रतलाम केस: पत्नी ने पति ने कपड़े पहचाने तो आया यू-टर्न
रतलाम मर्डर मिस्ट्री में संघ कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार की लाश देखकर हत्या के मुख्य आरोपी मदन मालवीय (हिम्मत का पूर्व नौकर) की दिव्यांग पत्नी ने इशारों में बताया कि शव के अंत:वस्त्र (जांघिया-बनियान) तो उसके पति के हैं। यह सुनकर हैरत में आई पुलिस ने तत्काल मदन और हिम्मत के परिजन के ब्लड सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट कराया। उसका रिजल्ट आते ही पाटीदार की साजिश सामने आ गई। पुलिस को उन सवालों का जवाब भी मिल गया जो उलझा रहे थे। मसलन,
रात में खेत में पानी देने गए व्यक्ति की जेब में उसकी पहचान बताने वाले सभी दस्तावेज क्यों रखे थे। जेब में मिली डायरी में उन्हीं तथ्यों का उल्लेख था जिनका लाभ मृतक के परिवार को मिलना था- जैसे बीमा, एटीएम पिन और एफडी आदि। मोबाइल से सारा डाटा गायब था। वाट्सएप मैसेज, कॉल रिकार्डिंग, गैलेरी में से फोटो, वीडियो, कॉल हिस्ट्री भी डिलीट थी। शव के जूते में जो कीचड़ लगा था वही कीचड़ हिम्मत की बाइक के फुटरेस्ट पर भी मिला। मृतक के जैकेट व पेंट की चेन खुली थी। कहीं भी चोट के निशान नहीं थे। सिर्फ चेहरा जला था।

20 लाख का बीमा और 15 लाख के कर्जे से छुटकारा पाने रची साजिश
पुलिस का मानना है कि हिम्मत पाटीदार ने पॉलिसी के 20 लाख रुपए हड़पने और लगभग 15 लाख के कर्जे से छुटकारा पाने के लिए अपने नौकर मदनलाल की हत्या की। लाश को अपने कपड़े पहनाकर चेहरा चला दिया।

दो ऐसी साजिशें मध्यप्रदेश में भी: नीमच के तस्कर ने भी रची थी खुद की मौत
नीमच जिले में महू-नसीराबाद हाईवे के भरभडिय़ा फंटे पर 26 मार्च 2011 को एक शव मिला था। शव की शिनाख्त राजस्थान के छोटी सादड़ी के मोतीपुरा के कुख्यात तस्कर घनश्याम धाकड़ के रूप में हुई थी। परिजनों ने खुद शव की पहचान की, लेकिन कुछ माह के बाद घनश्याम को राजस्थान की पुलिस ने कनेरा से जिंदा पकड़ लिया था। फिलहाल वह जेल में है। पुलिस ने खुलासा किया कि भरभडिय़ा फंटे पर मिला शव तस्कर घनश्याम धाकड़ का नहीं, बल्कि एक अन्य युवक का था।

प्रेमी ने प्रेमिका के साथ मिलकर रची मौत की साजिश
पिछले साल उज्जैन में भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है। उन्हेल के समीप ग्राम जियागढ़ में 13 अगस्त 2018 को सिर कटी लाश मिली थी। मृतक की शिनाख्त राजेशनाथ पिता बालूनाथ के तौर पर हुई। अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि राजेशनाथ का गांव की एक महिला से प्रेम संबंध था। राजेशनाथ ने महिला के साथ मिलकर लकी नाम युवक की हत्या की और लाश को अपने कपड़े पहना दिए थे। पुलिस ने आरोपी राजेशनाथ और महिला को गिरफ्तार कर लिया।

 

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