#astrology- रंग की पसंद से जाने व्यवहार को

रंग की पसंद से भी किसी भी इंसान के व्यवहार के बारे में जाना जा सकता है। ज्योतिषी आनंद त्रिवेदी के अनुसार रंग की पसंद से ही मनुष्य के व्यवहार का निर्धारण होता है।

By: vikram ahirwar

Published: 15 Mar 2017, 06:35 PM IST


रतलाम। ज्योतिष में अंक गणित, हस्तरेखा, जन्म कुंडली के अलावा चेहरा देखकर तो भविष्य व वर्तमान आदि के बारे में बताया जाता है, साथ ही रंग की पसंद से भी किसी भी इंसान के व्यवहार के बारे में जाना जा सकता है। ज्योतिषी आनंद त्रिवेदी के अनुसार रंग की पसंद से ही मनुष्य के व्यवहार का निर्धारण होता है। तो आए जानते है कि किस रंग को पसंद करने वाले किस तरह के होते है।

    सफेद रंग

इस रंग को पसंद करने वाले सज्जन, सरल, दयालु, सच्चे स्वार्थरहित, न्यायप्रिय तथा मानवीय गुणों से संपन्न होते है। दूसरों की सहायता व सेवा का गुण, स्वभाव में गंभीरता, आडंबरहीन इनके व्यक्तित्व की पहचान है। आवाज में बुलंदी, दृढ़ता तथा आत्मविश्वास इनके व्यक्तित्व की पहचान है।  आत्मविश्वास इनमें कूट-कूटकर भरा रहता है। ये अनुशासनप्रिय तथा रूढि़वादी होती है।

    काला रंग

इस रंग को पसंद करने वाले सामान्यत: उदास और निराश प्रकृति की होते हैं। कभी-कभी उनके स्वभाव में तीखापन भी देखा जा सकता है। व्यक्तित्व आकर्षक, सौन्दर्य में साक्षात सुंदरता को पसंद करने वाले, दबदबा बनाए रखने में कुशल और आत्मविश्वासी होते हैं। विलासमय जीवन इनकी जीवनशैली का अंग है। ऊपर से कठोर और अंतरमन इनका मखमली होता है। आंखों में खुमार इनके सौंदर्य बोध का दावतनामा है।

    पीला रंग

इस रंग को पसंद करने वाले गपशप में रुचि रखने वाले जिज्ञासु प्रवृत्ति के होने के कारण जासूसी अर्थात दूसरे के विषय में अधिक जानने का शौक रखने वाली होते है। शिष्टाचारी होते हुए भी स्वर में रहस्यमयता इनके व्यक्तित्व की खास पहचान है। मितव्ययी होते हुए भी आत्मप्रशंसा के क्षणों में अत्यधिक सहायता प्रदान कर देती है। स्वच्छंदता इनके गुणों को चमकीला और बहुमुखी प्रतिभा संपन्न बना देता है।

    नारंगी रंग

इस रंग को पसंद करने वाले मैत्रीपूर्ण तथा आनंद के साथ जीवन जीने वाले स्वभाव के स्वामी होते है तथा अपने मैत्री संबंधों में संतुलन बनाए रखते है। ऐसी लोग अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए इस प्रकार मांग हेतु प्रयत्न करते है कि अन्य किसी को बुरा नहीं लगता। आध्यात्मिक चिंतन, सभी के प्रति समानता को अपने जीवन दर्शन में आदर्श मानते है। राष्ट्रहित, समाजहित एवं परिवार के प्रति दायित्वों के निर्वहन में सदैव सजग बनी रहते है।

    गुलाबी रंग

इस रंग को पसंद करने वाले लोगों की चाल-ढाल में गंभीरता तथा व्यवहार में तटस्‍थता पाई जाती है। अहंकार की मात्रा कितनी भी हो, किंतु चंचलता और व्यावहारिक शालीनता इनके व्यक्तित्व को आकर्षण का केंद्र बना देती है। मुखड़े पर थिरकती मुस्कान और आंखों में चुंबकीय आकर्षण इनके व्यक्तित्व को मनोहारी बना देता है। शिष्टाचार इनके सामाजिक परिवेश को और भी समृद्ध बना देता है।

    स्लेटी रंग

इस रंग को पसंद करने वाले शांत, कुशल, परिश्रमी तथा अपने काम से काम रखने वाली होते हैं। मस्तिष्क उर्वराशील होता है। यदि उन्हें अभी प्रतिभा का समुचित उपयोग करने का अवसर मिले तो व्यावसायिक या अन्य क्षेत्रों में वे बहुत अच्‍छा काम कर सकते हैं। इनमें से कुछ लोग कठोर और स्वभाव से अभिमानी होती हैं।

    लाल रंग

इस रंग को पसंद करने वाले कभी प्रसन्न, कभी उग्र तथा निर्भीक स्वभाव वाले होते है। साहसी तथा अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को आनंदपूर्ण बनाने की इच्छुक रहते है। ऐसी लोग भविष्य के लिए चिंतित नहीं रहते। भाग्य की अपेक्षा कर्म के मर्म को समझने वाली स्वतंत्रचेता तथा अपने उद्देश्य की पूर्ति में सदैव प्रयत्नशील बनी रहते हैं।

    भूरा रंग

इस रंग को पसंद करने वाले व्यवस्थाप्रिय, अकाल्पनिक एवं नियमित जीवन बिताने की अभ्यस्त होते हैं। अनुशासनरत किंतु अपनों के प्रति प्रगाढ़ स्नेह रखते हैं। भले ही वे मां- पिता, भाई, पति अथवा संतानें ही क्यों न हों। साज-सज्जा वस्त्रालंकार तथा पर्यटन प्रिय होते हैं। उनके चेहरे पर मुस्कान और आंखों में शोखी तैरती नजर आती है।

    हरा रंग

इस रंग को पसंद करने वाले लोगों का वार्तालाप अंतहीन होता है। उनके मन में उमंग और उल्लास का अद्भुत सम्मिश्रण रहता है। उनका अंतरमन कल्पनाओं के रथ पर आरूढ़ होकर, सुखद सपनों में खोया रहता है। वे चुस्त, और चतुराई के साथ जब भी जिससे प्यार करते है, जी-जान से करते हैं।

    बैंगनी रंग

इस रंग को पसंद करने वाले लोगों के मन में वैभव-विलास की तीव्र लालसा होती है। ऐसे लोग व्यक्तिगत रूप से महत्वाकांक्षी भले ही न हो, किंतु जीवनसाथी उन्हें सुखी तथा संतुष्ट बनाए रखने में दिन-रात एक कर देते हैं।

    नीला रंग

इस रंग को पसंद करने वाले लोग कभी प्रसन्न होते हैं तो अगले ही क्षण निराशा में आ जाते है। वे अपने संवेगों पर नियंत्रण नहीं रख पाते। वैसे ऐसे लोग स्वभाव के अच्छे होते हैं। वे दूसरों के प्रति सहानु‍भूति रखते हैं। दूषित विचारों से दूर रहते हैं। रहस्यमय भी होते हैं, क्योंकि उनकी उदासी का कारण कोई नहीं जान पाता है।
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