सैलाना में एसडीएम कार्यालय में बाबू तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

सैलाना में एसडीएम कार्यालय में बाबू तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

By: Sourabh Pathak

Published: 03 Jan 2019, 04:18 PM IST

रतलाम। सैलाना. जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर सैलाना में एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी। टीम ने यहां से एक बाबू को बोरिंग खनन की अनुमति जारी करने के लिए तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। आरोपी बाबू ने यह रिश्वत अपने भी अपने ही कार्यालय के कर्मचारी से मांगी थी, जिससे परेशान होकर पीडि़त ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

 

लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई के दौरान एसडीएम के रीडर मनीष विजयवर्गीय को तीन हजार रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ा है। मनीष ने यह रिश्वत कार्यालय में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरिवल्लभ बामनिया से मांगी थी। पीडि़त की माने तो वह बीते 22 वर्षों से यहां पर काम कर रहा है। उसके द्वारा स्वयं के नाम से एक जमीन खरीदी गई है, जिस पर नलकूप खनन कराने के लिए उसने एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। आवेदन करने के बाद बीते एक माह से वह अनुमति के लिए चक्कर काट रहा था।


पांच हजार रुपए मांगे थे
पीडि़त हरिवल्लभ ने बताया कि अनुमति जारी करने के लिए मनीष ने उससे पांच हजार रुपए मांगे थे, लेकिन बाद में वह तीन हजार रुपए लेकर अनुमति दिलवाने के लिए तैयार हो गया था। इस बात से परेशान होकर पीडि़त ने लोकायुक्त उज्जैन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद टीम ने रतलाम पहुंचकर मनीष को उसके कार्यालय में पीडि़त से तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम कार्यालय में रीडर पर हुई कार्रवाई को लेकर हर कोई सकते में था।

 

डाक लाने का काम करता है पीडि़त
पीडि़त ने बताया कि वह बीते २२ वर्ष से कार्यालय में ईमानदारी से काम कर रहा था। मई २०१८ से डाक लाने ले जाने का काम कर रहा था। एसडीएम के फस्र्ट रीडर मनीष विजयवर्गीय को आवेदन दिया था। मैंने सैलाना की कॉलोनी में छोटा सा प्लाट लिया था। वहां पर पानी कमी थी इस कारण से बोरिंग कराना थी, लेकिन इसने बहुत परेशान कर दिया था। इसी से तंग होकर लोकायुक्त में शिकायत की थी।


इनका कहना है
रीडर को रंगेहाथ पकड़ा
- एसडीएम कार्यालय सैलाना में रीडर मनीष को हरिवल्लभ से तीन हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था। पीडि़त ने एसपी लोकायुक्त को लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके बाद लेन-देन की पूरी चर्चा को रिकॉर्ड किया गया था। उसके बाद आज रिश्वत लेते उसे पकड़ लिया।
वेदांत शर्मा, डीएसपी लोकायुक्त, उज्जैन

Sourabh Pathak Reporting
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