MP के मंदसौर में हिंसा, फायरिंग में 5 किसानों की मौत, कर्फ्यू लगाया

किसान आंदोलन में पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प, 30 वाहन फूंक डाले, मंदसौर में कफ्र्यू, पिपलियामंडी, दलौदा में अघोषित कर्फ्यू, धारा 144 में आवाजाही बंद...। इंटरनेट सेवाएं भी बंद।

By: Manish Gite

Published: 06 Jun 2017, 06:03 PM IST


मंदसौर/रतलाम। मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में मंगलवार को किसान आंदोलन समर्थकों और पुलिस, सीआरपीएफ व विशेष बल के बीच हिंसात्मक झड़प हुई। आंदोलन समर्थक किसानों को रोकने के लिए फायरिंग की गई। इसमें 5 किसानों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। हालात संभालने के लिए प्रशासन ने मंदसौर शहर व पिपलियामंडी में कर्फ्यू लगा दिया है।

वहीं, दलौदा में भी आंदोलन समर्थकों व पुलिस व सुरक्षा बलों के बीच पथराव होने के बाद बल प्रयोग कर अश्रु गैस के गोले दागे गए। दलौदा में धारा 144 लगा दी गई हैं। वहीं, कलेक्टर का कहना है कि पुलिस-सीआरपीएफ की फायरिंग में मौत किसानों की मौत नहीं हुई है। कुछ अराजक तत्व किसानों के बीच ही हिंसा फैला रहे हैं। 


मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में सोमवार की रात से जारी हिंसा मंगलवार को भी नहीं थमी। सुबह से ही आंदोलन कर रहे किसान सड़कों पर उतर आए। सोमवार को पथराव और आगजनी के बाद पुलिस के साथ सीआरपीएफ और विशेष बल को तैनात किया गया था।

आंदोलन समर्थकों ने इन पर भी हल्ला बोल दिया। हालात संभालने के लिए अश्रु गैस के गोले दागे गए और फायरिंग की गई। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि पुलिस व सीआरपीएफ की फायरिंग में 5 किसानों को गोली लगी हैं। इनमें कन्हैयालाल और सुरेन्द्र के शव मंदसौर जिला अस्पताल भेजे गए हैं। जबकि तीन अन्य मृतक किसानों की फिलहाल पहचान नहीं हो सकी हैं।

किसान पिपलियामंडी और आसपास के क्षेत्र के रहने वाले हैं। जबकि मंदसौर कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बयान दिया है कि पुलिस और सीआरपीएफ की फायरिंग में किसी की मौत नहीं हुई। वहीं, उग्र किसानों ने गोली चलने की घटना के बाद स्थानीय पुलिस थाने का घेराव कर दिया और सड़क पर तथा पुलिस थाना परिसर में खड़े करीब 25 से 30 छोटे-बड़े वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद फिर से हालात बिगड़े और सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग कर अश्रु गैस के गोले छोड़ भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अपरान्ह करीब ३ बजे तक पिपलियामंडी में तनावजनक हालात रहे।

इसी दौरान मंदसौर शहर में भी आंदोलन समर्थक किसान सड़क पर उतर आए। जिला अस्पताल में मृतक किसानों का शव लाने की सूचना पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने यहां भी हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया। शाम 4 बजे प्रशासन ने मंदसौर शहर में कफ्र्यू का ऐलान कर दिया। साथ ही पिपलियामंडी में भी धारा 144 के तहत अघोषित कफ्र्यू लगा दिया हैं।

दलौदा में भी सुबह से दोपहर तक पुलिस और किसानों के बीच झड़प होती रही। किसान आंदोलन समर्थकों ने नीमच-इंदौर हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने अश्रु गैस छोड़ी और बल प्रयोग करते हुए भीड़ को हाईवे से दूर धकेला।  प्रशासन ने दलौदा में भी धारा 144 लगा दी है, साथ ही हाईवे पर पुलिस बल लगाया गया है। 4 बजे बाद वाहनों की आवाजाही हो सकीं। रतलाम पुलिस रेंज के डीआईजी अविनाश शर्मा मंदसौर पहुंच गए हैं। वहीं, रतलाम-नीमच व जावरा में पुलिस सुरक्षा को बढ़ा दिया गया हैं।
Manish Gite
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