Mp Elecation 2018: राजस्थान मेंं बिजली तो मध्यप्रदेश के किसानों का भावांतर है मुद्दा

Mp Elecation 2018: राजस्थान मेंं बिजली तो मध्यप्रदेश के किसानों का भावांतर है मुद्दा

Sachin Trivedi | Publish: Oct, 16 2018 03:06:49 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

राजस्थान मेंं बिजली तो मध्यप्रदेश के किसानों का भावांतर है मुद्दा

रतलाम. मध्यप्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनावों का बिगुल बजते ही चौपाल पर चुनावी मुद्दे सजने लगे हैं। दोनों राज्यों में आधारभूत सुविधाओं पर बात के साथ एक मुद्दा कॉमन है, वह है एट्रोसिटी एक्ट। राजस्थान में लोगों की बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों की काफी नाराजगी है। गांवों में केवल चार से छह घंटे तक बिजली की आपूर्ति हो रही है। वहां की सरकार ने ग्रामीणों से १२ घंटे बिजली देने का वादा किया था लेकिन बिजली केवल तीन से चार घंटे मिल रही है। दोनों राज्यों की सीमा से लगे राजस्थान के सिल्याखेड़ी और बड़ायला-सरवन में चुनावी मुद्दों पर चौपाल गर्म है। कोई रानी के ताज पर खतरा बता रहा है तो कोई कह रहा कि सरकार बदल देने में ही फायदा है। सरकार ने जो वादा किया पूरा नहीं किया। बड़ायला-सरवन में लोग सरकार के खिलाफ मुखर नहीं हैं। उनको भावांतर में फसलों का वाजिब दाम नहीं मिलने का मलाल है लेकिन सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से बच रहे हैं। सड़क शासकीय भवन नहीं होने जैसी समस्याएं जरूर गिनाते हैं लेकिन वोट किसे देंगे इस बारे में अभी चुप्पी है। खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं।

राजस्थान: गांव सिल्याखेड़ी
मप्र की सीमा से चार किलोमीटर की दूरी पर राजस्थान की सीमा में बसे ग्राम सिल्याखेड़ी व चकुंडा के लोगों से गांव के लोगों का कहना है कि सरकार ने 12 घंटे बिजली देने का वादा किया था। उसे नहीं निभा पाई है। क्षेत्र के विधायक एवं जनजाति मंत्री नंदकुमार मीणा ने छात्रावास की घोषणा की थी वह पूरी नहीं हो पाई है।
मध्यप्रदेश: बड़ायला-सरवन
सुखेड़ा से कुछ ही दूरी पर मप्र की सीमा के अन्तिम छोर पर बसे गांव बडायला-सरवन में लो विकास के नाम पर वोट देने की बात कह रहे हैं। इसके साथ ही युवा आर्थिक आधार पर आरक्षण को बल दे रहे हैं। राजस्थान व मप्र के गांवों से जोडऩे वाले मार्गों का निर्माण व शासकीय उचित मूल्य की दुकान नहीं होने से नाराज हैं।

बालिका छात्रावास की घोषणा नहीं पूरी
सरपंच अनिल मीणा का कहना है कि चकुण्डा में राजकीय माध्यमिक विद्यालय में जनजाति की 325 बालिकाएं पढ़ाई करती हैं। इनके लिए क्षेत्रीय विधायक व जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा ने बालिका छात्रावास की घोषणा की थी। लेकिन वह घोषणा अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। सेवानिवृत्त शिक्षक रामप्रसाद शर्मा ने कहा कि सरकार ने कोर्ट के आदेश के बाद भी अध्यादेश लाकर के एट्रोसिटी एक्ट में बदलाव कर सामान्य वर्ग के लोगों के साथ कुठाराघात किया है। सरकार पिछड़ा वर्ग व अन्य लोगों को भी सुविधा दे रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी सामान्य वर्ग को उठानी पड़ रही है। इस वर्ग ने अपने आक्रोश से सरकार को अवगत करा दिया है।

विकास की बात पर देंगे वोट
पहली बार मतदान करने वाले नेपालसिंह का कहना है कि मै विकास पर बात करूंगा, मैं मत उसे ही दूंगा जो हमारे गांव को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा व गांव के विकास की बात कहेगा। छोटे-छोटे काम के लिए हमें दूर गांव जाना पड़ता है। ग्रामीण केसुराम कुमावत ने कहा कि बीते सालों में प्रदेश सरकार ने किसानों व अन्य वर्ग के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। इसका लाभ भी लोगों मिला है। ऐसे में पहली प्राथमिकता विकास के नाम पर मतदान करने की है। ग्रामीण गीतूलाल ने बताया कि बडायला-सरवन से राजस्थान सेमलखेडी दो किलोमीटर मार्ग, ग्राम पंचायत मुख्यालय जाने के लिए दो किलोमीटर मार्ग सीसी नहीं बनने से हमें पांच किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ रही है। हमारी परेशानी की ओर किसी का ध्यान नहीं है।

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