गजब कर रहे है एमपी के इस जिले के अस्पताल, हर दूसरी गर्भवती का निजी अस्पताल में हो रहा 'ऑपरेशन'

गजब कर रहे है एमपी के इस जिले के अस्पताल, हर दूसरी गर्भवती का निजी अस्पताल में हो रहा 'ऑपरेशन'

By: Ashish Pathak

Published: 03 Mar 2019, 04:20 PM IST

रतलाम. आधुनिक युग में जैसे जैसे नई तकनीक बढ़ती जा रही है, उसका लाभ लेने वालों की संख्या में भी वृद्धि होती जा रही है। अधिक समय नहीं हुआ, जब सिंगापुर में गर्भवती महिला के शिशु के जन्म की प्रक्रिया को लाइव कर दिया गया था। अब रतलाम में आधुनिक युग में तकनीक बढऩे के बाद भी हर दूसरी महिला (50 प्रतिशत) को ऑपरेशन (सीजर) से बच्चे को जन्म देना पड़ रहा है। ये निजी अस्पताल में भर्ती होने वाली गर्भवती महिलाओं के साथ हो रहा है, जबकि सरकारी अस्पताल में ये आंकड़ा सिर्फ 6 प्रतिशत है। अब जिला अस्पताल के सीएमएचओ ने इसके लिए चेतावनी वाला पत्र जारी किया है। जिले में चलने वाले 31 निजी अस्पताल में भर्ती होने वाली हर दूसरी गर्भवती महिला को प्रसव के लिए ऑपरेशन करवाना पड़ रहा है, जबकि सरकारी अस्पताल में अधिक सुविधा होने के बाद भी वहां जाने से संपन्न लोग कतराते हैं। निजी अस्पताल में ये आंकड़ा 50 प्रतिशत तो सरकारी अस्पताल में सिर्फ 6 प्रतिशत है। 50 प्रतिशत ऑपरेशन से बच्चों के जन्म के बाद अब सरकारी तंत्र हरकत में आया है व इसके लिए चेतावनी वाला पत्र जारी किया गया है।

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निजी अस्पताल की जांच व दवाएं महंगी

निजी अस्पताल सुविधा देने के मामले में बडे़ दावे करते है। यहां तक की वहां पर निजी वार्ड से लेकर अन्य सुविधाएं होती है। इतना ही नहीं, महिला के गर्भवती होने की सूचना मिलने के बाद से निजी अस्पताल में जांच से लेकर अन्य प्रक्रिया जिसमे दवा आदि शामिल होती है शुरू हो जाती है। एक हजार रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक की जांच करवाने के बाद व हर माह महंगी दवा खाने के बाद भी महिला को प्रसव ऑपरेशन से हो रही है।

 

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पत्र लिखा व जांच की
50 प्रतिशत ऑपरेशन से बच्चों के जन्म की जानकारी मिलने पर सीएचएमओ ने निजी अस्पातल संचालकों को पत्र लिखकर सुरक्षित प्रसव कराने व बगैर ऑपरेशन कराए प्रसूति कराने के लिए कहा है। नियंत्रण नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

 

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इस तरह समझें

अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 तक कुल जन्मे बच्चों की संख्या- 26133
ऑपरेशन से जन्मे बच्चों की संख्या- 2317
ऑपरेशन से प्रतिशत- 9
सरकारी अस्पताल में जन्मे बच्चों की संख्या- 24332
ऑपरेशन से जन्मे बच्चों की संख्या- 1410
ऑपरेशन से जन्मे बच्चों का प्रतिशत- 6
निजी अस्पताल में जन्मे बच्चों की संख्या- 1801
ऑपरेशन से जन्मे बच्चों की संख्या- 907
ऑपरेशन का प्रतिशत- 50

 

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एक्सपर्ट व्यू-
कई बार शिक्षित परिवार कहते है कि उनको फंला फंला तारीख को ही बच्चा चाहिए। एेसे में न चाहते हुए भी ऑपरेशन करना होता है। इसके अलावा आजकर फास्टफुड के युग में बेटियां लेबरपैन बर्दाश्त नहीं कर पाती व उनके परिवार की जीद होती है कि ऑपरेशन से बच्चा कर दिया जाए।
- डॉ. विनीता मालवीय, महिला रोग विशेषज्ञ इंदौर

हम काफी कम कर रहे हैं
फिलहाल निजी अस्पातल में ऑपरेशन से जन्म लेने वाले शिशु की संख्या कुल जन्म के मुकाबले ५० प्रतिशत है। इसको हम प्रयास करके कम करने में लगे हुए है। अन्य जिलों के मुकाबले हमारा प्रतिशत फिर भी बेहतर है। इसको और कम करने के लिए पत्र भी लिखा है। इसके अलावा नियमित जांच का कार्य भी किया जा रहा है।
- डॉ. पी. ननावरे, सीएमएचओ, जिला अस्पताल

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Ashish Pathak Reporting
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