लापरवाही ऐसी की प्रभारी मंत्री भी नहीं उड़ा सकी नींद: मंडी की 23 बीघा जमीन पर अब तक नहीं बन सकी बाउंड्रीवॉल

लापरवाही ऐसी की प्रभारी मंत्री भी नहीं उड़ा सकी नींद: मंडी की 23 बीघा जमीन पर अब तक नहीं बन सकी बाउंड्रीवॉल

By: Yggyadutt Parale

Published: 01 Jul 2019, 05:36 PM IST

रतलाम। महू-नीमच रोड कृषि उपज मंडी के समीप लहसुन-प्याज मंडी के नाम पर मिली 23 बिघा (4.7 हेक्टेयर) जमीन पर जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण बाउंड्रीवाल तक काम अब तक पूरा नहीं हो पाया। इसके खामियाजा किसान और व्यापारियों का उठाना पड़ रहा है, कभी नीलामी स्थल बदला जाता है तो कभी तौल स्थान, किसान और व्यापारी मंडी-मंडी दोड़ भाग कर रहे हैं। गत दिवस जिले के प्रभारी मंंत्री की मंडी कार्यालय पहुंचने पर जिम्मेदारों को जब फटकार लगी, तो महिनों से कम जमीन के कारण अटके काम को गति मिली और आनन-फानन में मंडी की सर्वे भी हो गया। मंडी इंजीनियर ने काम भी शुरू करवा दिया, लेकिन अब बारिश बाधक बन रही है, काम तभी पूरा होगा जब मौसम खुलेगा।

बतां दे कि करीब डेढ़ साल पूर्व मंडी को मिली जमीन पर अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बन पाई। विधानसभा आचार संहिता के पूर्व मंडी बाउंड्रीवाल निर्माण का कार्य के लिए भूमिपूजन किया जा चुका था। बरसों से मंडी में पदस्थ इंजीनियर द्वारा नपती करवाकर इंस्टीमेट तैयार कर बाउंड्रीवाल के लिए मंडी समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा, जिस पर 52 लाख रुपए की राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। इसके बाद जब जिला प्रशासन द्वारा नपती की गई तो जगह कम पाई गई। इस कारण फिर काम में रूक गया। नपती में जगह कम आने का कारण महिनों से काम अटका रहा। इसके बाद प्रभारी मंत्री के मंडी पहुंचने पर फिर मामला उठा तो जिम्मेदारों को फटकार लगी, फिर पुन: जमीन की नपती कर बरसात में काम शुरू किया तो अब बारिश बाधक बन गई।

क्षमता से कम हाइट की बन रही बाउंड्र्रीवाल
लहसुन-प्याज मंडी के लिए प्रस्तावित भूमि पर बाऊंड्रीवाल का काम शुरू कर दिया है। मंडी इंजीनियर के अनुसार साढ़े छह फीट की बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है, जबकि अनाज मंडी में हर माह चोरी की वारदात होती रही और व्यापारियों के गोडाउन के पीछे बनी 7-8 फीट की दिवारों को फांदकर चोर अनाज चोरी कर ले गए, इसके बावजूद मंडी प्रशासन नवीन मंडी परिसर की बाउंड्रीवाल मात्र साढ़े 6 फीट बनाना समझ से परे है।

जिम्मेदारों की भूमिका प्रश्रचिन्ह लगते रहे

मंडी समिति के छह साल के कार्यकाल में इंजीनियर द्वारा जितने भी कार्य किए, जिम्मेदारों की भूमिका पर प्रश्रचिन्ह लगते रहे। 23 बिघा जमीन के विस्तारीकरण का कार्य भी अब तक अटका पड़ा है। जगह की कमी के कारण किसानों-व्यापारियों को हर दिन और सीजन में परेशान झेलना पड़ रहा है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन कोई उचित कदम नहीं उठा रहा जो समझ से परे है।
सुरेंद्रसिंह भाटी, पूर्व मंडी डायरेक्टर, कृषि उपज मंडी, रतलाम

इनका कहना...

मंडी के लिए प्रस्तावित २३ बीघा जमीन का पुन: जमीन का सर्वे हो चुका है, दोनों ही जमीन का नपती हो चुकी है। बाऊंड्रीवाल का काम शुरू कर दिया है।
एमएल बारसे, सचिव, कृषि उपज मंडी रतलाम

साढ़े छह फीट का बाउंड्रीवाल बनेगी

बाउंड्रीवाल का काम रूक गया है, बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है, कल ही निकाला है। पुरानी मंडी में सात फीट तक की है। यग साढ़े छह फीट की बाउंड्रीवाल उठाई जा रही है, उपर कांच लगा देंगे। मंडी बोर्ड के निर्देशानुसार साढ़े छह फीट की सभी दूर बनाई जा रही है। पानी रूकते ही नियमित काम चलता रहेगा।
राजेंद्र भावसार, इंजीनियर, कृषि उपज मंडी, रतलाम

Yggyadutt Parale Desk
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