MP: भाजपा का डैमेज कंट्रोल, अध्यक्ष ने दिखाएं कड़े तेवर

MP: भाजपा का डैमेज कंट्रोल, अध्यक्ष ने दिखाएं कड़े तेवर

Sachin Trivedi | Publish: Jul, 26 2019 01:23:06 PM (IST) | Updated: Jul, 26 2019 01:26:11 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

संगठन की ओर से भेजा नोटिस, भाजपा नेता से पक्ष रखने को कहा

रतलाम. प्रदेश में भाजपा के दो विधायकों के कांग्रेस सरकार के पक्ष मेंं जाने के बाद संगठन राजधानी से लेकर जिलों तक सक्रिय हो गया है। रतलाम में भाजपा नेता और पार्षद की एक टिप्पणी को लेकर आदिवासी समाज संगठन की आपत्ति के बाद पार्टी अध्यक्ष ने कड़े तेवर दिखाए है। संबंधित भाजपा नेता को संगठन ने नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांग लिया है। रतलाम में भाजपा नेता और पार्षद प्रहलाद पटेल के एक ज्ञापन पर आदिवासी समाज संगठन के विरोध करने का मामला गहरा गया है। भाजपा ने ज्ञापन की भाषा-शैली और आदिवासी मजदूरों पर लगाए आरोपों को आपत्तिजनक मानते हुए पटेल को नोटिस थमा दिया है।

संतोषजनक जवाब नहीं देने पर निष्कासित करने की चेतावनी

7 दिनों में पटेल की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं देने पर 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की चेतावनी दी है। हालांकि पटेल को फिलहाल नोटिस नहीं मिला है। शहर के वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद प्रहलाद पटेल ने 23 जुलाई को पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी को एक ज्ञापन सौंपा था। पटेल ने ज्ञापन में अलकापुरी चौराहा पर उद्यान में मजदूरों के बैठने पर पत्थर गिरने और कुछ लोगों द्वारा गंदगी फैलाने के आरोप लगाए गए थे। इस ज्ञापन में आदिवासी समाज से जुड़े मजदूरों पर आरोप लगाने पर आदिवासी समाज संगठन के प्रतिनिधियों आरसी भगोरा, डॉ. केएस डामोर व कालू बरोड़ ने आपत्ति लेकर कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन कर कलेक्टर को पार्षद पटेल के खिलाफ शिकायत दी थी।

सोशल मीडिया पर सवाल-जवाब का दौर
ज्ञापन के आरोपों पर आदिवासी समाज के कई प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर भाजपा पार्षद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विशेषकर जाति संबंधी शब्दों को भावना आहत करने वाला बताया जा रहा है। इसके बाद पार्षद पटेल ने करीब 7 मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में पटेल ने अपने ज्ञापन को जनता के लिए बताते हुए सफाई दी है कि उनका मकसद आदिवासी समाज पर टिप्पणी करना नहीं था।

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महामंत्री से चर्चा, जिलाध्यक्ष ने दिया नोटिस
मामले में पार्षद पटेल ने भाजपा के जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय को वीडियो भेजकर चर्चा की है। वहीं, जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा ने ज्ञापन की भाषा-शैली को पार्टी की नीति के विपरीत बताकर नोटिस जारी किया है। पटेल को 7 दिन में जवाब देने के साथ यह स्पष्ट करना है कि क्यों न उनके खिलाफ छह वर्ष के निष्कासन की कार्रवाई की जाए।

जवाब मांगा है
अनुसूचित जनजाति के मजदूरों के खिलाफ आपत्तिनजक टिप्पणी के संबंध में पार्षद पटेल को नोटिस दिया है। 7 दिन में उनको अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। - राजेन्द्रसिंह लुनेरा, जिलाध्यक्ष भाजपा

नहीं मिला नोटिस
मैंने जनता के मुद्दें को उठाया था, किसी की भावना आहत करना मकसद नहीं था। एक वीडियो के माध्यम से खेद भी जताया है, पार्टी का नोटिस अभी नहीं मिला है। - प्रहलाद पटेल, पार्षद एवं भाजपा नेता रतलाम

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