नाग पंचमी 2020 : शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, पूजा

श्रावण माह की शुक्ल पक्ष पंचमी को नागपंचमी का त्यौहार परंपरागत रुप से मनाया जाएगा। पर्यावरण विभाग द्वारा नाग नागिन को दूध पीलाने से रोकने के बाद अब भक्त कालिका माता क्षेत्र में बने हुए नाग मंदिर में उमड़े है व अपनी आस्था प्रकट कर रहे है।

By: Ashish Pathak

Published: 25 Jul 2020, 10:38 AM IST

रतलाम. श्रावण माह की शुक्ल पक्ष पंचमी को नागपंचमी का त्यौहार परंपरागत रुप से मनाया जाएगा। पर्यावरण विभाग द्वारा नाग नागिन को दूध पीलाने से रोकने के बाद अब भक्त कालिका माता क्षेत्र में बने हुए नाग मंदिर में उमड़े है व अपनी आस्था प्रकट कर रहे है। हालांकि इस बार शनिवार को लॉकडाउन रहने के चलते इस बार भक्त घर में ही रहकर मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजा भी हो रही है। यह पहली बार है कि दिनभर में सिर्फ पौने तीन घंटे का मुहूर्त पूजन के लिए सबसे बेहतर रहेगा। पुराणों में भी नाग पूजा का उल्लेख मिलता है।

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शहर के प्रसिद्ध ज्योतिषी वीरेंद्र रावल ने बताया कि नाग पंचमी पर पूजा अर्चना करके जीवन की सभी मुश्किलों को बहुत आसानी से दूर किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन नाग देव की पूजा से भक्तों पर उनकी कृपा बनी रहती है। पितृ को प्रसन्न करने का दिन भी यह रहता है। शनिवार को नाग पंचमी के दिन लॉकडाउन रहने से शास्त्रों में मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन करने का विधान दिया हुआ है।

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नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त

नाग पंचमी पूजा मुहूर्त : सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 8 बजकर 22 मिनट तक

कुल अवधि - 2 घंटे 43 मिनट

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इनकी होती है पूजा

ज्योतिषी रावल के अनुसार नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा की जाती है और इस दिन अगर किसी को नागों के दर्शन होते हैं तो उसे बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस नाग पंचमी की पूजा को करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है और सर्पदंश का डर भी दूर होता है। नाग पंचमी के दिन अनन्त, वासुकि, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख नामक अष्टनागों की पूजा की जाती है। भविष्य पुराण में इस बात का उल्लेख है कि इस दिन नाग पूजा और नागों को दूध चढ़ाने से नाग देवता खुश हो जाते हैं और इससे सर्पदंश का खतरा भी कम होता है। माना जाता है कि महाराज जनमेजय ने एक बार नाग यज्ञ किया था जिसके कारण नागों का शरीर जल गया था तब आस्तिक मुनि ने उनके शरीर पर दूध डालकर उनकी रक्षा की थी। इसलिए नागपंचमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है।

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IMAGE CREDIT: patrika

इस तरह करें पूजा

- नाग पंचमी के दिन उपवास करके शाम को भोजन करना चाहिए।
- पूजा करने के लिए नाग चित्र या मिट्टी की सर्प मूर्ति बनाकर इसे लकड़ी की चौकी के ऊपर स्थापित करें।
- हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नाग देवता की पूजा करें।
- कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर सर्प देवता को अर्पित करें।
- पूजन करने के बाद सर्प देवता की आरती उतारी जाती है।
- सर्प गायत्री के साथ सर्प सुक्त का पाठ भी किया जाता है।

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Ashish Pathak Reporting
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