विभाग की सहमति के बाद सड़क के लिए टूटा मंदिर, रेलवे ने दी जमीन

harinath dwivedi

Publish: Feb, 15 2018 04:59:47 PM (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
विभाग की सहमति के बाद सड़क के लिए टूटा मंदिर, रेलवे ने दी जमीन

प्रभारी कलेक्टर ने मौके से निगम से हटवाई रेलवे की जालियां, १५ दिन में आरसीसी रोड बनाओ

रतलाम। दो बत्ती चौराहे पर सरकारी विभागों के बीच आखिरकार सहमति से बात बन गई। चौराहे के विस्तार के लिए प्रशासन के जमीन मांगने पर रेलवे ने जमीन दे दी। प्रशासन ने रेलवे की जमीन पर कब्जा भी कर लिया, रास्ते में आ रहे मंदिर को भी विस्थापित किया गया है। प्रशासन ने नपा को मौके पर १५ दिन में सीसी रोड निर्माण के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक अमले ने जालियां हटवाई
मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर से अनुमति मिलने के बाद प्रभारी कलेक्टर डॉ. कैलाश बुंदेला बुधवार को प्रशासनिक और नगर निगम अमले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने डीआरएम कार्यालय से लगी जालियां हटाने का काम शुरू करवा दिया। इसके साथ ही मंडल कार्यालय के बाहर स्थित मंदिर भी पूजा-अर्चना कर प्रशासन ने हटवाया। मंदिर में विराजित भगवान को कालिका माता मंदिर में पहुंचाया गया है।
७ दिन में ट्रांसफॉर्मर हटाओ
जालियां हटते ही मुख्य सड़क दस से पंद्रह फीट तक चौड़ी नजर आने लगी। प्रभारी कलेक्टर ने तत्काल बिजली कंपनी के अधिकारियों को बुलाया, बिजली कंपनी के अधिकारी को रास्ते में आ रही दो ट्रांसफार्मर और दो खंभों को सात दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम को जालियां हटाने के बाद मिली भूमि पर पंद्रह दिन में सीसी रोड निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए निर्देशित किया।
गाड़ी के लिए जगह दीजिए
गुजरात स्वीट के बाहर यू टर्न पर दुकानदारों के वाहन पार्क होने जाने पर उन्हें बुलाया और वाहन अन्य स्थान पर पार्किंग के निर्देश दिए। ये सुन भवन स्वामी ने कहा कि सर ! दुकान के बाहर सिर्फ गाड़ी खड़ी करने दीजिए। ये सुन प्रभारी कलेक्टर ने नो पार्किंग का बोर्ड दिखाकर मना कर दिया। एडीएम बोले की दुकान आपकी है, पर्किंग व्यवस्था भी आपको करना है।
गलत नंबर डायल कर दिया है
दो बत्ती पर वाहन शोरूम के बाहर नो पार्र्किंग का बोर्ड लगता देख शो-रूम संचालक पहुंचा, उसने कहा कि आप ये गलत कर रहे है। ये बात सुन प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि मिस्टर आपने गलत नंबर डायल कर दिया है। आपकी बिल्ंिडग है, यह एमओएस (मिनिमम ओपन स्पेस) के मुताबिक नहीं है। यदि हम वहां आएंगे तो आपको तकलीफ ज्यादा होगी।
समझाइश पर माने : सड़क चौड़ीकरण के चलते प्रशासन ने धार्मिक स्थल हटाने की बात हुई तो लोगों ने मामूली विरोध किया। प्रशासन ने लोक हित की बात समझाई तो बिना विरोध के सब राजी हो गए। इसके बाद मंदिर में विराजित भैरूजी को वहां के पुजारी व आस-पास के लोगों की सहमति से प्रशासन ने पूजा-अर्चना कर ढोल बजाकर उठाया और ऑटो के माध्यम से कालिका माता परिसर में ले जाकर विराजित किया।
आज व्यापार करने दीजिए सर
मंडल कार्यालय के बाहर फूलों की दुकान सजाकर बैठने वालों को प्रशासन ने हटाया, तो वह एक दिन की अनुमति मांगने लगे। उनका कहना था कि सर आज वेलंटाइन डे है, आज हमारे फूल खूब बिकेंगे, आप आज एक दिन का समय दे दीजिए, कल हम यहां दुकान नहीं लगाएंगे। इस पर भी अधिकारी नहीं माने और एक घंटे का समय देकर दुकान हटाने के निर्देश दिए।
पहले भी ली थी रेलवे से जमीन
प्रशासन ने सालों पहले भी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रेलवे से जमीन ली थी, उसी के बदले प्रशासन ने मंडल कार्यालय के बाहर लगी पहली जाली के बाद की दूसरी जाली तक रेलवे को जमीन दी थी। अब एक बार फिर शहर विकास को देखते हुए प्रशासन ने रेलवे से जमीन मांगी है।
डीआरएम से फोन पर चर्चा हुई थी, जिस पर उनके द्वारा जालियां हटाए जाने की अनुमति मिलने के बाद ही काम शुरू किया गया था। शहर विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. कैलाश बुंदेला, प्रभारी कलेक्टर

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