एक कुर्सी के दो दावेदार: आयुक्त की कुर्सी के लिए पहुंच गए कोर्ट, जाने फिर क्या हुआ निगम में

एक कुर्सी के दो दावेदार: आयुक्त की कुर्सी के लिए पहुंच गए कोर्ट, जाने फिर क्या हुआ निगम में

By: Yggyadutt Parale

Updated: 03 Mar 2019, 05:59 PM IST

रतलाम. नगर निगम रतलाम में एक बार फिर दुविधाजनक हालात खड़े हो गए हैं। जबरन रिलीव कर दिए गए निवर्तमान आयुक्त एसके सिंह ने शनिवार को दोपहर में अचानक लौटकर कुर्सी संभाल ली। हाईकोर्ट के स्टे का हवाला देकर कुर्सी पर बैठे और निगमकर्मियों की मीटिंग भी ले ली। वहीं आयुक्त के रूप में काम कर रहे आईएएस सतीशकुमार घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर कार्यालय नहीं पहुंचे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने सिंह से हाईकोर्ट के आदेश की प्रति कलेक्टर कार्यालय भेजने के निर्देश दिए।
नगर निगम में शनिवार को एक बार फिर दो आयुक्त हो गए। शासन की ओर से तलादला आदेश जारी होने के बाद आईएएस सतीशकुमार ने १९ फरवरी को यहां कमिश्नर के रूप में ज्वाइन किया, लेकिन मौजूदा आयुक्त एसके सिंह का शासन ने तबादला नहीं किया था, यहां आयुक्त कौन है इसको लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। सतीशकुमार ने २१ फरवरी को निगम कार्यालय पहुंचे और आयुक्त के रूप में काम करना शुरू कर दिया, तो एसके सिंह हाईकोर्ट पहुंच गए। कोर्ट का आदेश लेकर लौटे और शनिवार को कमिश्नर के रूप में फिर काम करना शुरू कर दिया। अब सतीश कुमार शासन के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

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खरगोन जिला पंचायत सीईओ रहे सतीशकुमार एस स्थानांतरित होकर आए और एकतरफा चार्ज ले लिया था। शनिवार की दोपहर करीब ३ बजे पूर्व आयुक्त एसके सिंह मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के स्टे आदेश के साथ लौटे और सीधे आयुक्त कक्ष में दाखिल हो गए। करीब १५ मिनट की औपचारिकता के बाद उन्होंने निगमकर्मियों को बुलाकर उनसे चर्चा की। सिंह के आने की सूचना मिलते ही वर्तमान आयुक्त सतीशकुमार अपने कक्ष में नहीं आए। सिंह के चार्ज की प्रक्रिया के बाद निगम के स्थापना विभाग ने बतौर आयुक्त सिंह के नाम से आदेश जारी कर दिया। कुर्सी की इस जंग के बीच सूचना कलेक्टर रुचिका चौहान को दी गई। कलेक्टर को आयुक्त एसके सिंह ने हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की बात कहीं। इस पर कलेक्टर ने अध्ययन के लिए कोर्ट के आदेश की प्रति बुलाई है, इसके बाद वे शासन स्तर पर सामान्य प्रशासन विभाग और नगरीय निकाय एवं विकास विभाग को पत्र भेजकर मार्गदर्शन लेंगी। फिलहाल नगर निगम के शाखा प्रभारी और कर्मचारी भी कुछ समझ नहीं पा रहे।

इस तरह चला कुर्सी का द्वंद, शासन के पाले में गेंद

१४ फरवरी: सरकार ने आदेश जारी कर रतलाम नगर निगम में सतीशकुमार को आयुक्त पदस्थ किया था, लेकिन पदस्थापित आयुक्त एसके सिंह को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया।
१९ फरवरी: आईएएस सतीशकुमार दोपहर में खरगोन से रतलाम आए और सर्किट हाउस पर ठहरे। यहां उन्होंने कार्यपालन यंत्री श्यामकुमार व्यास को बुलाकर ज्वाइनिंग भी दर्ज करा दी।

२१ फरवरी: शासन से आयुक्त एसके सिंह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बीच आईएएस सतीशकुमार एस ने निगम में जाकर चार्ज लिया और सिंह को एकतरफा रिलीव किया।

क्यों बने ये हालात

- अधिवक्ता संतोष कुमार यादव ने बताया कि शासन ने आदेश जारी कर नया आयुक्त तो पदस्थ कर दिया, लेकिन पुराने आयुक्त का तबादला नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में पुराने आयुक्त के पास कोर्ट जाने का विकल्प था। शासन चाहता तो इससे पहले ही कैविएट दायर कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं होने से पुराने आयुक्त को स्टे मिल गया।

अब आगे क्या होगा

आईएएस सतीश कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश पर आयुक्त पदस्थ किया गया है, ऐसे में नगरीय निकाय एवं आवास विभाग ने दखल नहीं दिया। या तो नगरीय निकाय विभाग पुराने आयुक्त को स्थानांतरित करेगा या सामान्य प्रशासन विभाग के पीएस संशोधन आदेश जारी कर सकते हैं, स्थगन के आदेश का ध्यान रखना होगा।

वर्ष २०१२ में भी बने थे कुछ तरह के हालात

वर्ष २०१२ के दौरान नगर निगम में कुछ इस तरह के हालात बने थे। उस समय आयुक्त रहे संजय कुमार मेहता और पदस्थापित आयुक्त सोमनाथ झारिया के बीच कुर्सी की जंग चली थी। शासन ने झारिया को पदस्थापित किया था, लेकिन मेहता का तबादला नहीं किया था। ऐसे में शासन की ओर केविएट दाखिल होने से मेहता स्टे नहीं ला पाए थे।

वर्ष २०१९ के हालात और कोर्ट का ये स्टे

आयुक्त सिंह के मुताबिक, उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से स्थगन मिला है। यह स्थगन तबादला आदेश और रिलीव दोनों पर ही मिला है। न्यायमूर्ति वंदना कासेरकर ने सिंह से चार्ज लेने की प्रक्रिया व एकतरफा रिलीव करने पर रोक लगा दी। यह स्थगन एक मार्च को जारी किया है, सिंह २६ फरवरी ने आवेदन पेश किया था।

 

स्थगन मिला है...

हाईकोर्ट की इंदौर खंठपीठ से एकतरफा रिलीव किए जाने और चार्ज लेने संबंधी प्रक्रिया पर स्थगन मिला है। इसके बाद मैंने दोबारा चार्ज लिया है व कलेक्टर को भी इससे अवगत कराया गया है।
- एसके सिंह, आयुक्त नगर निगम (कोर्ट के आदेश के तहत)

आदेश नहीं देखा
हाईकोर्ट का स्थगन संबंधी आदेश अभी नहीं देखा है, इसको देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। मैंने शासन के आदेश के तहत आयुक्त का चार्ज लिया था।

- सतीशकुमार एस, आयुक्त नगर निगम (शासन के आदेश के तहत)

 

मार्गदर्शन मांगा
नगर निगम में आयुक्त पदस्थापना संबंधी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी किया गया था। हमने एसके सिंह से हाईकोर्ट के आदेश की प्रति बुलाई है, इसके अध्ययन के बाद शासन स्तर पर पत्र भेजकर मार्गदर्शन लिया जाएगा।

- रुचिका चौहान, कलेक्टर रतलाम

Yggyadutt Parale Desk
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