वसूली में निगम फिसड्डी: टारगेट 17 करोड़ का वसूली आधी भी नहीं

जलकर में मात्र 5.50 तो संपत्ति में 6.40 करोड़ ही वसूल पाई निगम

By: Yggyadutt Parale

Published: 07 Feb 2020, 05:12 PM IST

रतलाम। कहने तो नगर निगम अब डिजिटल होने की तैयारी में है, जहां ऑनलाइन परमिशन, ऑनलाइन बिलिंग के साथ कई काम ऑनलाइन होने लगे है। मगर कर्मचारियों की सक्रियता इससे समझी जा सकती है कि शहर में बकाया 17 करोड़ का जलकर आधा भी नहीं वसूल पा रहे है। 12 करोड़ रुपए का तो संपत्तिकर में 17 करोड़ रुपए का साल का टारगेट है, जबकि निगम जलकर में 5.50 करोड़ रुपए तो संपत्तिकर में 6.40 करोड़ रुपए ही वसूल पाया है। शहरवासियों तक पीने का पानी तो हर दूसरे दिन पहुंच रहा है, मगर महीने का जलकर वसूल नहीं कर रही है।

शहर के नागरिकों को बेहतर सुविधा देने के लिए निगम विभिन्न प्रकार के कर वसूलता है। इन कर के रुपए से अनेक तरह की सुविधा के साथ साथ निर्माण कार्य किए जाते है। लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी निगम कर वसूली में पिछड़ गया है। इसकी एक बड़ी वजह समय पर इसके लिए दबाव बनाने में असफलता है। अब निगमकर्मी अलग-अलग वार्ड में जाकर शिविर का आयोजन कर कर रहे है।

36 हजार 560 उपभोक्ता

जनकर के लिए शहर में 36560 कुल उपभोक्ता है। यह घरेलू व व्यावसायिक दोनों शाामिल है। घरेलू उपभोक्ता से निगम 110 रुपए प्रतिमाह तो व्यावसायिक से इससे अधिक राशि वसूलती है। निगम के जलकर विभाग के सूत्रों के अनुसार करीब 15 हजार से अधिक उपभोक्ता अवैध रुप से जल का उपयोग कर रहे हैं। निगम को इस वित्तीय वर्ष में 12 करोड़ रुपए का जलकर वसूली का टारगेट मिला है, जबकि बुधवार शाम तक 5 करोड़ 50 लाख रुपए याने की आधा भी वसूल नहीं कर पाई है।

17 करोड़ की वसूली करना है
शहर के आवास व कारोबारियों से संपत्तिकर निगम अलग-अलग क्षेत्रफल अनुसार वसूलती है। इस शाखा को निगम में चालू वित्तीय वर्ष में 17 करोड़ रुपए की वसूली करना है। लेकिन अब तक मात्र 6 करोड़ 40 लाख रुपए ही वसूल कर पाई है। इसमें भी जनवरी माह में ही नगर निगम के संपत्तिकर विभाग ने 1 करोड़ 10 लाख रुपए वसूले है। शहर में इस विभाग के अनुसार 51 हजार 900 ऑनलाइन आवास-कारोबारियों से संपत्तिकर वसूला जाता है।

समय पर देना होगा टैक्स

शहर के नागरिकों के द्वारा दिए गए टैक्स के रुपए से विकास व निर्माण कार्य होते है। शासन तो रुपए देता ही है, लेकिन नागरिक भी स्वयं भी जागरुक बनकर कर का भूगतान करे तो बेहतर रहेगा।
- तपस्या परिहार, उपायुक्त नगर निगम

Yggyadutt Parale Desk
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