दशहरे के साथ खत्म हुआ महोत्सव: जयकारों के साथ किया विसर्जन

दशहरे के साथ खत्म हुआ महोत्सव: जयकारों के साथ किया विसर्जन
दशहरे के साथ खत्म हुआ महोत्सव: जयकारों के साथ किया विसर्जन

Yggyadutt Parale | Updated: 09 Oct 2019, 05:44:11 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

दशहरे के साथ खत्म हुआ महोत्सव: जयकारों के साथ किया विसर्जन

रतलाम। बरसते फूल-उड़ते रंग गुलाल...से सराबोर होती सड़कों पर विसर्जन के लिए निकलते मातारानी के चल समारोह में जयकारे से रास्ते गुंजायमान होते रहे। बैंड बाजों और ढोल की थाप पर गरबारास करते भक्तों की टोलियां शक्ति की भक्ति में लीन रही। अवसर पर मंगलवार ब्रह्ममुहूर्त से नवरात्र समापन पर निकले मां जगदम्बा के विसर्जन चल समारोह का। श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक धूमधाम से मां भगवती की आराधना की, अंतिम सम्पूर्ण रात गरबारास से पांडाल पटे रहे। अल सुबह शहर के विभिन्न क्षेत्रों से निकले चल समारोह में माता-बहने और भक्त गरबारास करते कोई झाली तालाब कालिका माता मंदिर तो कोई हनुमान ताल ८० फीट रोड पहुंचता नजर आया। महामायी का पूजन वंदन कर झाली तालाब और हनुमान ताल पर वैकल्पिक विसर्जन कर मातारानी के जयकारों के साथ नम: आंखों से विदाई दी।
सोमवार-मंगलवार की रात्रि शहर के गरबापांडालों में अम्बे मां के भक्तों का जोश देखते बनता था। मां कालिका के दरबार से लेकर, जवाहर नगर चार बत्ती, अम्बे चौक अलकापुरी, ओम मां आद्यशक्ति धाम रेलवे कॉलोनी, श्रीराम मंदिर सैलाना रोड, दीनदयाल नगर, टाटानगर अम्बे चौक, मुखर्जीनगर, कसारा बाजार, डोंगरे नगर, नयागांव, इंद्रलोकनगर आदि क्षेत्रों से निकले चल समारोह में कोई ट्रेक्टर ट्राली, कोई चार पहिया वाहन पर तो कोई मोटर सायकल लेकर परिवार सहित विसर्जन स्थल पहुंच रहा था।

बंगाली समाज के पांच दिवसीय दुर्गा उत्सव का समापन
बंगाली समाज की 5 दिवसीय दुर्गा पूजा मंगलवार को देवी माँ की विदाई के साथ पूर्ण हुई। विजयादशमी के दिन सुबह से ही पूजा पंडाल में माँ को विदाई देने के लिए बंगाली समाज की महिलाऐं एकत्रित हुई। सुबह दशमी की पूजा अर्चना के पश्चात देवी माँ की प्रतिमा का दर्पण विसर्जन किया गया। इसके पश्चात स्थापना स्थल से देवी प्रतिमा को उतारकर सात बार परिक्रमा कराकर महिलाओं के द्वारा की जानी वाले वरण के लिए रखा गया। मान्यता के अनुसार मायके की विवाहित महिलाओं द्वारा सौभाग्य एवं समृद्धि की आशीर्वाद की कामना के साथ देवी माँ की अपने ससुराल के लिए विदाई दी जाती है। प्रतिमा को सिंदूर, मिष्ठान, पान इत्यादि सामग्री चढ़ाई गई। विसर्जन का प्रमुख आकर्षण महिलाओं का सिंदूर खेला रहता है। प्रतिमा के वरण के पश्चात उपस्थित विवाहित महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगाकर सभी के सौभाग्य की कामना की। लोगों द्वारा देवी माँ के साथ साथ सभी उपस्थित सभी अग्रजो का अभिवादन कर आशीर्वाद लिया गया। रतलाम बंगाली समाज के दुर्गा पूजा समापन के अवसर पर चल समारोह के रूप में देवी प्रतिमा को जल विसर्जन के लिए ले जाया गया। मार्ग में आश्छे बोशोर आबार होबे तथा ष्दुर्गा माई की जय... का उद्घोष किया जा रहा था। चल समारोह मे ढोलए ताशे और नाचते गाते अगले वर्ष पुन: माँ दुर्गा के आगमन की प्रतीक्षा के साथ जल विसर्जन के माध्यम इस वर्ष की शारदीय नवरात्र पूजा सम्पन्न हुई।

राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजन में लगे रामजी के जयकारे

राजपूत नवयुवक मंडलस, न्यास एवं महिला मंडल के तत्वावधान में दशहरा मिलन एवं शस्त्र पूजन का आयोजन हाथीखाना स्थित राजपूत धर्मशाला पर आयोजित किया गया। इसमें समाज की महिलाओं व पुरूषों ने भगवान रामजी के चित्र पर माल्यापर्ण, दीप प्रज्जवलित कर शस्त्र पूजन किया। साथ ही जय-जय श्रीराम के जयकारे लगाए गये।
न्यास अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह गोयलए, मण्डल अध्यक्ष शैलेन्द्रसिंह देवड़ा व महिला मण्डल अध्यक्ष राजेश्वरी राठौर, कोमलसिंह राठौर, भंवरसिंह पंवार, किशौरसिंह चौहान, रघुवीरसिंह सांकला, सुरेशसिंह चावड़ा, मनोहरसिंह चौहान, विशालसिंह चावड़ा, महेन्द्रसिंह राठौर, राजेन्द्रसिंह पंवार, हिम्मतसिंह पंवार, उषा पंवार, सीमा देवड़ा, कविता देवड़ा, गायत्री चौहान, गीतादेवी राठौर, प्रीति सोलंकी, अंकित सिसोदिया, ज्ञानेश्वर परिहार सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned