नवजात की मौत, अस्पताल में प्रदर्शन

- परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

रतलाम। बाल चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती नवजात की छुट्टी के बाद परिजन जब उसे लेकर घर पहुंचे तो वहां पर उसने दम तोड़ दिया। परिजन नवजात को लेकर फिर से बाल चिकित्सालय पहुंचे तो वहां पर चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस बात से परिजन नाराज हो गए। उनका आरोप था कि बच्चे के उपचार में चिकित्सक ने लापरवाही बरती है। मामला गरमाने पर पुलिस ने जांच के लिए शव का पीएम कराने का निर्णय लिया, जो कि सुबह चिकित्सकों की पैनल की मौजूदगी में होगा। वहीं शाम को परिजनों के साथ समाज से जुड़े कुछ अन्य लोगों ने एमसीएच में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा।

नवजात के पिता अनिल निनामा निवासी शिव नगर जेवीएल के पास ने बताया कि १४ अक्टूबर को एमसीएच में पत्नी को भर्ती कराया था। वहां पर बच्चे के जन्म के बाद १९ को उसकी छुट्टी कर दी गई थी। उसके बाद सोमवार को बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे बाल चिकित्सालय लाए थे। यहां पर उपचार के लिए करीब बीस मिनट तक उसे आईसीयू में रखा और फिर बाहर लाकर दे दिया और कहा कि अब घर ले जाओ। बच्चे को घर ले जाते ही उसने दम तोड़ दिया था। परिजन मामले में चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगा रहे है। घटना के संबंध में थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मामले की जांच के लिए मर्ग कायम किया है।

शाम को हुआ प्रदर्शन
एमसीएच में शाम को आदिवासी परिवार के बैनर तले परिवार व समाज के कुछ अन्य लोगों ने प्रदर्शन किया। इसमें बताया कि सुबह ११ बजे नवजात को बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। यहां डॉ. जितेंद्र ने उपचार कर आईसीयू में भर्ती कर उपचार के बाद छोड़ दिया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन व स्टाफ की लापरवाही के कारण मौत हुई है। एेसे में इन पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए। कार्रवाई की मांग को लेकर सभी लोग रात में एमसीएच पहुंचे और यहां प्रदर्शन कर डॉ. रवि दिवेकर को ज्ञापन सौंपा।

Sourabh Pathak
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