अनाज मंडी गेट पर ताला, धूप में तपते रहे किसान

कृषि उपज मंडी में गेहूं की बंपर आवक: किसान शेड पर जमा व्यापारियों का माल नहीं करवाए खाली

By: Mukesh Mahavar

Published: 04 Apr 2019, 05:54 PM IST

रतलाम. प्रदेश के ए ग्रेड मंडी में दिन पर दिन अव्यवस्थाएं बढ़ती जा रही है। बुधवार सुबह से शाम तक किसानों को वाहन के साथ मंडी के बाहर तपती धूप में खड़े होकर मंडी में प्रवेश का इंतजार करना पड़ा, क्योंकि अधिकारियों ने मंडी गेट पर अधिक आवक होने के कारण ताला लगा दिया था। दोपहर ३ बजे तक किसानों के वाहनों की कतार सालाखेड़ी चौकी के समीप पहुंच गई। सालाखेड़ी चौकी प्रभारी मय बल के मंडी पहुंचे और वाहनों को महू-नीमच रोड से अलग कर कालिका माता मंदिर की खुली पड़ी जमीन पर वाहनों को खड़ा करवाया। जहां पर धूप में वाहनों को खड़ा कर किसान इधर-उधर हो गए। शाम को 5.10 बजे करीब वाहनों पांच-पांच कर मंडी में प्रवेश के लिए छोड़ा गया।


जहां ट्राली खड़ी करवाई छाव ना पानी
महू-नीमच रोड पर यातायात बाधित होने लगा तो पुलिस प्रशासन ने दोपहर बाद ट्रालियों हटाकर अन्यंत्र पहुंचाने की तैयारी की। इस मध्य मंडी अधिकारियों ने कुछ दिन पूर्व सामने खाली पड़ी कालिका माता मंदिर की जमीन पर ट्रालियों का पहुंचने की बात कही और वहीं पर किसानों को टोकन भी उपलब्ध कराए गए। श्यामलाल प्रजापत, अशोक राठौड़, देवकीनंदन पाटीदार ने कहा कि जहां ट्राली खड़ी करवाई गई, वहां ना तो पानी, छाव और ना ही रात्रि में अगर वाहन वहीं पर खड़ा करने पड़े तो बिजली की व्यवस्था की गई।

मंडी प्रांगण प्रभारी मुकेश ग्रेवाल ने बताया कि सुबह से शाम तक मंडी में 525 ट्राली का नीलाम हुआ, जबकि रात ८ बजे तक मंडी में 850 ट्राली आ चुकी है। बाहर खड़ी ट्रालियों को टोकन देकर अंदर ले लिया गया है।
व्यापारियों का माल क्यों नहीं हटा रहे

इस मध्य दोपहर में कई किसान प्रकाश धाकड़ वासुदेव पाटीदार, अरविंद पाटीदार,दिनेश धाकड़ आदि मंडी सहायक सचिव एसएन गोयल और चौकी प्रभारी के पास पहुंच और बिगड़ती व्यवस्था का विरोध करते हुए कहने लगे कि जब जगह थी तो सुबह से वाहन वहां क्यों नहीं खड़े करवाए। शेड पर व्यापारियों का माल बरसों से जमा हुआ है, इन्हे क्यों नहीं हटवाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी ने किसानों से कहा कि हम १५ दिन से मंडी में एलाउंस करवा रहे है कि अधिक आवक हो रही है, इसलिए किसान कम-कम उपज लेकर मंडी आए। अरविंद पाटीदार ने अधिकारी से कहा कि साहब आप तो किसानों को मना कर दो और गेट पर ताला लगा दो, किसान उपज लेकर नहीं आए।

Mukesh Mahavar Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned