तीन वर्ष से नहीं मिल रही थी पेंशन, एक बार में मिल गए बकाया छह लाख रुपए

तीन वर्ष से नहीं मिल रही थी पेंशन, एक बार में मिल गए बकाया छह लाख रुपए

Mukesh Mahawar | Updated: 11 May 2019, 05:40:52 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

3 दिन पूर्व 'पत्रिकाÓ पढ़कर पीडि़त ने डीआरएम से सम्पर्क किया

रतलाम. रेलवे में काम करने वाले पिता व बाद में आश्रित माता के निधन के बाद एक मात्र आश्रित बेटे को कार्मिक विभाग की तकनीकी लापरवाही की वजह से 3 वर्ष से पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा था। बेटा डीआरएम आरएन सुनकर से मिला तो एक बार में ही 6 लाख रुपये बकाया मिल गए। अब हर माह 18 हजार रुपए मिला करेंगे।
मण्डल डीआरएम सुनकर ने बताया कि तकनीकी विभाग में काम करने वाले मांगीलाल पुरोहित का निधन 29 अप्रेल 2014 को हो गया था। इस घटना के बाद आश्रित पत्नी को पेंशन मिलना शुरू हुई। बाद में 29 अप्रेल 2016 को मांगीलाल की पत्नी का भी निधन हो गया। अपने पिता व माता को खो चुके प्रदुन्न राजपुरोहित को रिश्तेदारों ने रखा। इस बीच कुछ कर्ज भी हो गया। करीब 3 दिन पूर्व 'पत्रिकाÓ पढ़कर युवक ने डीआरएम से सम्पर्क किया। युवक ने डीआरएम को इंदौर के एक परिवार की इसी तरह की गई मदद व 'पत्रिकाÓ की खबर को रखकर अपनी परेशानी बताई।
पुराने दस्तावेज खंगाले
इसके बाद रिटायर्ड कर्मचारी मांगीलाल के पुराने पेपर खंगाले तो पाया गया कि पत्नी का नाम आश्रित में है, लेकिन बाद में पत्नी से आश्रित का नाम लिखवाना कार्मिक विभाग के अधिकारी भूल गए। जब बाद में युवक ने चक्कर काटे तो यह कहकर लौटा दिया गया की आश्रित में नाम नहीं है।
3 दिन में मिली पेंशन व बकाया राशि
मामले को समझकर डीआरएम सुनकर ने राजपुरोहित को 30 जुलाई 2016 से अब तक का बकाया 6 लाख रुपए का चेक व 18 हजार रुपए हर माह पेंशन शुरू करने के आदेश दिए।

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