आस्था का केन्द्र है गुणावद हिंगलाज माता का शक्ति पीठ, उमड़ती है भक्तों की भीड़

आस्था का केन्द्र है गुणावद हिंगलाज माता का शक्ति पीठ, उमड़ती है भक्तों की भीड़
आस्था का केन्द्र है गुणावद हिंगलाज माता का शक्ति पीठ, उमड़ती है भक्तों की भीड़

Mukesh Mahawar | Updated: 06 Oct 2019, 05:51:27 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

भारत के 52 शक्ति पीठों में से एक

नामली. जिला मुख्यालय से 27 किलोमीटर व नामली से 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम गुणावद के समीप पहाड़ी पर महामाया हिंगलाज माता की प्राचीन शक्ति पीठ स्थित है। यह शक्ति पीठ भारत के 52 शक्ति पीठों में से एक हैं । मध्य प्रदेश में यह एक मात्र मंदिर है। जो हिंगलाज माता का मंदिर राजस्थान के जेसलमेर( भारत - पाकिस्तान की बार्डर पर) की प्रतिकृति है। गुणावद का शिव शक्ति पीठ माता मंदिर रियासत कालीन है। यहंा स्थित माता व शिव का मंदिर चमत्कारी है नवरात्र में यहां पर क्षेत्र व अन्य स्थानों से श्रद्धालु आस्था और उम्मीद लेकर आते हैं। उनकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस शक्ति पीठ का सम्बन्ध उज्जैन से हैं । सैलाना स्टेट के समय से इस मंदिर के महत्व के चलते पूजा व देख-रेख हेतु 60 बीघा से भी ज्यादा खेती की जमीन जागीर के रूप में दी गई थी। मंदिर के पूजा मठ के महंत गिरी महाराज है। यह स्थान अति प्राचीन व दर्शनीय तथा धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस स्थान की पुरात्तव विभाग ने खोज की थी। यहां की पहाड़ी पर कई प्राचीन मूर्तियां भी निकली थी। नगर व ग्रामवासी इस दर्शनीय स्थल के विकास की राह देख रहे है।


पाप-पुण्य का फैसला करते हैं यहां के स्तंभ
इस मंदिर में 56 खंभे बने हुए है। लोगों की मान्यता है कि ये खंभे लोगों के पाप पुण्य का फैसला करते हैं। उनका कहना है कि यहां पर स्थित खंभों में अगर व्यक्ति निकल जाता है तो वह पुण्यात्मा माना जाता है। जो दुबला पतला होने के बाद भी नहीं निकल पाता है तो उसके पाप आड़े आना बताया जा रहा है।

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