अब तो बरामदों में भी कम पडऩे लगी जगह

bhuvanesh pandya

Publish: Sep, 16 2017 09:11:24 (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
अब तो बरामदों में भी कम पडऩे लगी जगह

पत्रिका लाइव - मरीजों को पलंग न ग²े हो रहे हैं नसीब, कंबल बिछाकर ही चढ़ाना पड़ रही सलाइन

रतलाम। आगामी दिनों में कायाकल्प की टीम जिला अस्पताल का निरीक्षण करने आने वाली है। इस दौरान अब यहां मरीजों की इतनी संख्या होने लगी है कि पलंग और ग²े कम पड़ गए हैं। मरीजों को कंबल पर ही बरामदों में लेटाकर इलाज करना पड़ रहा है। हालत यह है कि बरामदों में भी मरीजों को लेटाने की जगह नहीं बच पा रही है। ये दोनों ही नजारे जिला अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड के हैं जहां बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हो रहे हैं। वार्ड की स्थिति यह है कि यहां दो गुने से ज्यादा मरीज इस समय इलाज ले रहे हैं।

फीमेल मेडकल वार्ड का बरामदा

फीमेल मेडकल वार्ड के बरामदे में चैनल गेट से प्रवेश करते ही मरीजों और उनके परिजन दिखाई दे जाएंगे। बरामदे में लेटे मरीजों के पास न तो ग²े हैं और न पलंग। उन्हें मरीजों के ओढऩे के कंबल बिछाकर सलाइनें चढ़ाई जा रही है। ऐसे एक- दो नहीं ज्यादातर मरीज हैं जिन्हें इसी तरह इलाज लेना पड़ रहा है।

फीमेल मेडिकल वार्ड के अंदर

फीमेल मेडिकल वार्ड में भी कमोबेश इसी तरह की स्थिति निर्मित हो गई है। हॉल में दोनों तरफ दीवारों की तरफ पलंग लगे हैं जबकि बीच में परिजनों, डॉक्टर और नर्सों के आने-जाने के लिए जगह बचती है। इस जगह में भी ग²े बिछाकर मरीजों को लेटाना पड़ गया है। इसमें भी क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती है।

कायाकल्प की तैयारी और फार्म भी उपलब्ध नहीं

जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और संसाधनों को को जांचने के लिए कायाकल्प की टीम जल्द ही रतलााम आने वाली है। इसकी तैयारियां भी जोरशोर से चल रही है। रिपेयरिंग तो विद्युत व्यवस्था सुधरवाई जा रही है लेकिन दूसरी हकीकत यह है कि यहां कई जगह व्यवस्थाएं सुधर ही नहीं पा रही है।

फार्म हो गए खत्म

जिला अस्पताल की ब्लड बैंक को ही देख लें तो यहां मरीजों और रक्तदान करने वालों से भरवाए जाने वाले फार्म ही उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। ऐसे में ब्लड बैंक के कर्मचारियों को बचे हुए फार्म की फोटो कॉपी करवाकर काम चलाना पड़ रहा है। ऐसा नहीं कि यह पहली बार हो रहा है। पहले भी ऐसा हो चुका है जिसके लिए लिखित में अस्पताल प्रबंधन को सूचना भी दी जा चुकी है कि पर्याप्त संख्या में फार्म उपलब्ध कराएं जाएं, किंतु ऐसा नहीं होने से यह स्थिति बन रही है।

जगह की कमी

यह सही है कि अस्पताल में इस समय मरीजों की संख्या ज्यादा आ रही है और जगह की कमी है। दो-तीन वार्ड इस समय अनुपयोगी होने से यह स्थिति बनी है। बाल चिकित्सालय के पीछे बन रहे मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट के शुरू होने के बाद जगह की समस्या लगभग समाप्त ही हो जाएगी। जब तक वह चालू नहीं होता है कुछ परेशानी आती रहेगी।

डॉ. निर्मल जैन, प्रभारी सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

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