मध्यप्रदेश मेंं 24 घंटे के बाद खुले निजी नर्सिंग होम, सरकार ने ली राहत

मध्यप्रदेश मेंं 24 घंटे के बाद खुले निजी नर्सिंग होम, सरकार ने ली राहत

Sachin Trivedi | Updated: 18 Jun 2019, 11:41:50 AM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य मांगों पर एक दिन पहले बंद थे अस्पताल

रतलाम. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आव्हान पर सोमवार को 170 से ज्यादा निजी चिकित्सक हड़ताल पर रहे तो करीब 30 निजी नर्सिंग होम भी पूरी तरह बंद रहे। इससे जिले के सबसे बड़े शासकीय जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव अचानक बढ़ गया। जांच केन्द्रों से लेकर ओपीडी के बाहर लम्बी कतार लगी रही। गर्मी के सीजन में एक हजार के आसपास होने वाली ओपीडी का आंकड़ा 1500 पार हो गया। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की मदद से मरीजों को संभालने का प्रयास हुआ, लेकिन संसाधन जवाब दे गए। एक्स-रे मशीन बार बार गर्म होती रही तो सोनोग्राफी के लिए कतार में लगे मरीजों में धक्का-मुक्की होती रही। आईएएम ने हड़ताल सफल रहने का दावा किया है। वहीं, मंगलवार से सभी निजी जांच केन्द्र और अस्पताल समय पर खुलें।

सुबह से अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगना शुरू

निजी चिकित्सकों की हड़ताल का असर सोमवार को जिला अस्पताल पर देखने को मिला। सुबह से अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो गई। हड़ताल के कारण जिला अस्पताल में विषय विशेषज्ञों की ओपीडी में चिकित्सक कम नजर आए। अस्पताल में मरीजों की कतार बढऩे और चिकित्सकों के नहीं होने की खबर के बाद एसडीएम शिराली जैन मौके पर पहुंची और वरिष्ठ चिकित्सकों से बात कर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को बुलाकर मरीजों का उपचार करवाया। शहर में अधिकांश ब्लड बैंक, एक्सरे सेंटर और क्लीनिक बंद होने के कारण मरीजों की संख्या में बढऩे पर एक्सरे मशीन दोपहर में लगातार चालू रहने से गर्म हो गई, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा। इस दौरान मरीज इंतजार करते रहे। निजी डॉक्टरों हड़ताल के कारण ओपीडी, ब्लड बैंक, एक्सरे रूम के अलावा ओपीडी पर्ची काउंटर के साथ सोनाग्राफी सेंटर पर भी भीड़ शाम तक लगी रही।

हड़ताल से व्यवस्था लचर, रुपए मांगने के आरोप
- ओपीडी एक घंटा देरी से खुली
हड़ताल में शासकीय चिकित्सकों के शामिल होने की सूचनाओं के बीच जिला अस्पताल की ओपीडी करीब एक घंटा देरी से शुरू हुई। इससे सुबह के समय पहुंचे मरीज सीधे इमरजेंसी के बाहर जमा हो गए और लम्बी कतार लग गई, इस दौरान धक्का-मुक्की हुई।
- 10 बजे बाद आए कॉलेज के चिकित्सक
मरीजों की कतार लगने के बाद सूचना डिप्टी कलेक्टर शिराली जैन को मिली तो वे 9.30 बजे अस्पताल पहुंची और प्रभारी सीएस डॉ. महेश मौर्य से बात की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज डीन से चर्चा कर ओपीडी में 10 बजे बाद कॉलेज के चिकित्सक तैनात किए गए।
- सोनोग्राफी के लिए रुपए मांगने के आरोप
दोपहर में कतार में खड़ी महिला संपतबाई पति कालूराम ने शिकायत में बताया कि गेट पर खड़ी महिलाकर्मी ने उससे २०० रुपए लिए, इसके बाद अंदर जाने दिया। कुछ अन्य मरीजों ने भी 200 से 100 रुपए लेने के बाद सोनोग्राफी किए जाने के आरोप लगाए है।
- अनुमान से कम रही ओपीडी में संख्या
चिकित्सकों की हड़ताल के समाचारों के बाद सुबह से शाम तक 1507 मरीजों की पर्ची बनाई गई। जबकि पिछले सोमवार 10 जून को 1774 पर्ची थी, हड़ताल के कारण अधिकांश मरीज नहीं आए, अनुमान करीब ओपीडी 1800 होने का लगाया था।

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