अस्पताल में जमीन पर उपचार कराने के लिए भी घर से दरी-चादर ल रहे मरीज

- जिला अस्पताल में मरीजों की हो रही फजीहत

By: Sourabh Pathak

Updated: 13 Oct 2021, 01:53 PM IST

रतलाम। मौसमी बीमारियों का प्रकोप जिले में तेजी से बढ़ रहा है। कुछ मरीजों की तबीयत बिगडऩे पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंच कर भर्ती होना पड़ रहा है लेकिन हालात इस कदर हो चुके हैं कि जिला अस्पताल में मरीजों के पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। मरीज को वार्ड में बिस्तर नहीं मिलने पर घर से दरी और चादर लाकर जमीन पर बिछाकर भर्ती हो रहे हैं।

यह हालात सिर्फ जिला अस्पताल के ना होकर बाल चिकित्सालय में भी नजर आ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार पहले पर्ची बनवाने के लिए लग रही है, उसके बाद उन्हें उपचार के लिए डॉक्टर के कक्ष के बाहर कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं यदि डॉक्टर कोई जांच लिख दे तो जांच कराने के लिए मरीज को लैब के बाहर पता लगाना पड़ रही है और वहां के बाद दवा लेने के लिए काउंटर पर फिर से कतार में लगकर दवा लेनी पड़ गई थी है। अस्पताल में चार बार कतार में लगने वाले मरीज या उसके साथ आने वाले परिजन की हालत अपने आप ही बिगड़ जाती है।

डेंगू का बढ़ रहा प्रकोप
दरअसल जिले में डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे है। रतलाम में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर अब ४०० के करीब पहुंच गई है, वहीं इससे होने वाली मौत भी ११ बताई जा रही है लेकिन जिम्मेदार है कि उनके रिकॉर्ड में एक भी मौत डेंगू से नहीं होने की बात कह रहे है। उनकी माने तो डेंगू तो है लेकिन मौत नहीं हुई है।

Sourabh Pathak Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned