रतलाम मेडिकल कॉलेज की मान्यता प्रक्रिया पर नाराज हुए सांसद

रतलाम मेडिकल कॉलेज की मान्यता प्रक्रिया पर नाराज हुए सांसद

Sachin Trivedi | Publish: May, 04 2018 01:20:15 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

एमसीआई की कवायद से पहले ही भाजपा-कांग्रेस में छिड़ी जुबानी जंग

रतलाम. प्रदेश में खुल रहे पांच मेडिकल कॉलेजों की दौड़ में रतलाम काफी पीछे रह गया है। एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता को फिलहाल अनुमति देने से इनकार कर दिया है। केवल दतिया के कॉलेज को प्रवेश की अनुमति मिली है। रतलाम सहित विदिशा, शहडोल और खंडवा की मान्यता भी अभी जारी नहीं की गई। इसे लेकर शुक्रवार को कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया प्रदेश की सरकार पर बरस पड़े। मान्यता पर सस्पेंस के बीच भाजपा और कांग्रेस में अब मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर जुबानी जंग हो रही है।

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने दतिया मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी देते हुए शेष चार मेडिकल कॉलेजों को फिलहाल मान्यता नहीं दी है। इन चारों मेडिकल कॉलेजों में पहले सत्र की तैयारियों मेें सामने आ चुकी कमियों की वजह से एमसीआई ने यह झटका दिया है। संभवत: इसी वजह से डीन डॉ. संजय दीक्षित कई दिनों से नई दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। विधायक और राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप का मानना है कि एमसीआई के तीसरे दौरे के बाद तय हो पाएगा कि मान्यता मिलेगी या नहीं। पिछले माह एमसीआई की टीम अचानक ही रतलाम दौरे पर आई थी। मापदंडों में एमसीआई ने सिर्फ दतिया मेडिकल कॉलेज को ही मापदंडो में खरा पाया है। दतिया मेडिकल कॉलेज को वर्ष २०१८-१९ के लिए मान्यता की दे दी है। रतलाम, विदिशा, शहडोल और खंडवा को मान्यता के लिए अभी तीसरे निरीक्षण तक इंतजार ही करना पड़ेगा। मान्यता के लिए एमसीआई ने दो बार निरीक्षण किया फिर भी तैयारियोंं में कमी रह जाने से यह फिलहाल मान्यता रोकी गई।


भोपाल से दिल्ली तक मची है खलबली
मान्यता नहीं दिए जाने की जानकारी पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने मेडिकल कॉलेज की कमियों को पूरा करने के लिए एमसीआई से समय मांगा है। रतलाम के लिए दावा किया जा रहा है कि यहां लगभग काम हो चुकी है और माना जा रहा है कि १० तारीख तक एमसीआई रतलाम का दौरा कर सकती है। इस वजह से अटकी मान्यता मान्यता नहीं मिलने के पीछे एमसीआई को जो कारण मिले हैं वे काफी महत्वपूर्ण हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आए १६ बिंदू बताए जा रहे हैं। इनमे डीन व अधीक्षक का अनुभव कम होना, कॉलेज में ओटी नहीं तो किसी में एक्सपर्ट की कमी, पढ़ाई वाले स्थानों पर कार्य चलते पाया जाना, रेजीडेंट डॉक्टरों की कमी, उपकरणों और पैरामेडिकल स्टाफ का अभाव है।

अब केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से होगी चर्चा
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष व शहर विधायक चेतन्य काश्यप का कहना है कि एमसीआई का तीसरा निरीक्षण शेष है। कोई दिक्कत आती है तो सीएम और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से चर्चा करेंगे, प्रयास है कि इसी सत्र से कॉलेज शुरू हो जाए। वहीं, डीन डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि एमसीआई के निरीक्षण के पहले रिप्रजेंटेशन में लगे हैं। दौरे की तारीख तय नहीं है। दतिया कॉलेज को मान्यता मिल गई है यह सही बात है। प्रशासनिक पक्ष भी फिलहाल प्रक्रिया बता रहा है, लेकिन कांग्रेस इसे जनमुद्दा बना रही है।

 

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