मेडिकल कॉलेज पर भाजपा-कांग्रेस में केन्द्रीय वार

मेडिकल कॉलेज पर भाजपा-कांग्रेस में केन्द्रीय वार

Sachin Trivedi | Updated: 05 May 2018, 02:31:37 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष और कांग्रेस सांसद मान्यता के फेर को सुलझाने का कर रहे दावा

रतलाम. प्रदेश में इसी साल से खोलने वाले पांच मेडिकल कॉलेजों की मान्यता में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तरफ से अड़ंगा लग जाने के बाद मामला राजनीतिक गलियारों में परवान चढऩे लगा है। मेडिकल कॉलेज निर्माण की शुरुआत के बाद से पहली बार सांसद कांतिलाल भूरिया निरीक्षण करने शुक्रवार को पहुंचे। कॉलेज के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान सांसद भूरिया ने प्रदेश सरकार को इसकी देरी से निर्माण और मान्यता नहीं मिलने के लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब सारी राशि प्रदेश सरकार के खाते में जमा करवा दी थी किंतु सरकार ने इसे दबाए रखा और दो साल देरी से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जिससे काफी नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि पांच मेडिकल कॉलेजों में इस समय दतिया को एमसीआई ने मान्यता जारी कर दी है जबकि बचे हुए चार कॉलेजों के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं किया है।

सांसद का निशाना राज्य सरकार पर, केन्द्र से करेंगे बात
सांसद भूरिया ने कहा कि मेडिकल कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है। इसके लिए वे सरकार पर दबाव बनाएंगे और केंद्र के स्वास्थय् मंत्री से मिलेंगे जिससे रतलाम के मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल सके। भूरिया ने कहा कॉलेज की सारी तैयारियां अच्छी है और अब तक तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार की तरफ से दिए गए २०० करोड़ रुपए में से १७६ करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं जबकि इसकी लागत २११ करोड़ हो गई है। भूरिया ने तो यहां तक कहा कि राज्य सरकार रतलाम में मेडिकल कॉलेज खोलना ही नहीं चाहती थी। उपचुनाव में जीत के बाद पहली बार सांसद कांतिलाल भूरिया ने मेडिकल कॉलेज भवन का निरीक्षण भी किया। बुधवार की देर रात से गुरुवार की सुबह और दोपहर तक रतलाम के मेडिकल कॉलेज को मान्यता नहीं मिलने की बात वायरल होने के बाद कांग्रेस ने ताबड़तोड़ सांसद भूरिया का मेडिकल कॉॅलेज निरीक्षण का दौरा तय कर दिया। सभी कांग्रेसजनों को इस बात की जानकारी लगी तो सुबह सभी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। कुछ नौ बजे से ही मेडिकल कॉलेज तरफ रवाना हो चुके थे जबकि कुछ सांसद के साथ आए। इन नेताओं में प्रभु राठौर , पारस सकलेचा, निगम में नेता प्रतिपक्ष यास्मिन शैरानी, अनिल झालानी, विनोद मिश्रा मामा, महेंद्र कटारिया, जिपं उपाध्यक्ष डीपी धाकड़, जोएब आरिफ सहित कई नेता मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे।

विधायक ने कहा, सरकार से बातचीत जारी, अंडरटेकिंग
रतलाम के मेडिकल कॉलेज को मान्यता के लिए राजनीतिक रूप से भी दोनों दलों के नेता अपने-अपने स्तर पर मैदान में उतर आए हैं। विधायक चेतन्य काश्यप दो दिन से भोपाल में ही मेडिकल कॉलेज को लेकर सक्रिय है तो चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव शिवशेखर शर्मा और रतलाम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित पिछले कुछ दिनों से नई दिल्ली में ही एमसीआई मुख्यालय पर डेरा जमाए हुए हैं। काश्यप के अनुसार वे लगातार मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क में है। सारे प्रजेंटेशन हो चुके हैं और जो कमियां हैं उनके लिए सरकार खुद पहल करके तय समय सीमा में इन्हें निराकृत करने की बात कह रही है। इससे तय है कि तय समय सीमा में इसी सत्र में इन कॉलेजों को मान्यता मिल जाएगी। काश्यप ने बताया सरकार रतलाम सहित विदिशा और खंडवा के मेडिकल कॉलेजों को इसी सत्र से शुरू करने को लेकर एमसीआई को अंडरटेकिंग दे चुकी है। इसके अनुसार जो भी कमियां हैं वे सत्र शुरू होने से पहले पूरी कर ली जाएगी। जहां तक दतिया के मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने की बात है तो वहां केवल मेडिकल कॉलेज बनाया जाना था। वहां का जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के रूप में काम आएगा जबकि शेष तीन जगह रतलाम, विदिशा और खंडवा में मेडिकल कॉलेज के साथ ही अस्पताल भी बन रहे हैं। इसलिए इसमें तीसरे चरण के एमसीआई निरीक्षण तक रुकना पड़ रहा है।

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