चुपके-चुपके शराब पीना पड़ेगा मंहगा, पुलिस की चिट्ठी खोलेगी पोल

मप्र के नीमच जिले में पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ एक अनूठा अभियान शुरू किया है, जो लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाएंगे पुलिस उनके घर पर चिट्ठी भेजेगी।

By: harinath dwivedi

Published: 03 Jan 2020, 01:50 PM IST

नीमच.

यदि आप शराब पीने के शौकीन है और घर के बाहर चुपके-चुपके पार्टी करते हैं तो सर्तक हो जाइए। आपका ये शौक परिवार में हंगामा करा सकता है। क्योंकि मप्र के नीमच जिले में पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ एक अनूठा अभियान शुरू किया है, जो लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाएंगे पुलिस उनके घर पर चिट्ठी भेजेगी। ये चिट्ठी उनकी पोल खोलकर रख देगी। इससे चुपके चुपके शराब पीने वालों घर पर हंगामा मच सकता है। घर की शांति कलह में बदल सकती है।

नीमच जिले के यातायात थाना प्रभारी राम सिंह राठौर ने बताया कि पुलिस ने शराबियों ने निपटने के लिए विशेष तैयारी कर रखी है। इसके लिए हम अभियान भी चला रहे हैं। सड़क पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए तीन प्वाइंटस पर टीम तैनात हुई। जिसमें फव्वारा चौराहा, विजय टॉकिज और सीआरपीएफ सर्किल पर ब्रीथ एनालाईजर से जांच की गई। इस दौरान रात पकड़े जाने पर चालानी कार्रवाई के बाद उसके परिजनों को पुलिस सर्टिफिकेट सौंपेगी। ये बात खासकर युवाओं पर लागू की गई है। पुलिस की कोशिश है इसके जरिए शराब पीने के जानकारी उनके परिजनों को होगी और फिर वे अपने परिवार के सदस्य पर अंकुश लगा सकेंगे।

Big threat alcohol to life
IMAGE CREDIT: net

भेजा जाएगा चालानी सर्टिफिकेट
नीमच एसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग के अनुरूप शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े गए एक युवक के परिजनों को सर्टिफिकेट भेजने की तैयारी है। हमारी कोशिश है कि लोगों को जागरूक किया जाए और शराब पीने से रोका जाए। जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी हो। कई लोग घर के बाहर चुपके से शराब पीते हैं और परिवार वालों को पता नहीं चल पाता। पुलिस के चालानी पत्र भेजे जाने से ऐसे लोगों की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।

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लगातार बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा
जिले में गत वर्ष में 87 मौत सड़क हादसे में हुई है। वहीं वर्ष 2019 में 30 नवंबर तक सड़क हादसों में 77 लोग जवान गवां चुके हैं। हादसों में अधिकांश मौत बाइक पर सवार होने वालों की होना सामने आई है। इसमें मुख्य कारण शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट न होना है। सोशल पुलिसिंग और बीमा के चलते शराब पीकर वाहन चलाने की बात पुलिस उजागर नहीं करती है।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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