भाजपा पार्षदों से परेशान होकर आलाकमान को लिखा पत्र

भाजपा पार्षदों से परेशान होकर आलाकमान को लिखा पत्र

Akram Khan | Updated: 04 Jun 2019, 05:38:32 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

भाजपा पार्षदों से परेशान होकर आलाकमान को लिखा पत्र

रतलाम। (जावरा) चुनावी आचार संहिता के चलते विकास में पिछड़ चुके जावरा को अब सत्ता दल के ही पार्षद विकास में रोड़ा बन रहे है। दो दिन पहले हुई पीआईसी की बैठक का बहिष्कार करते हुए भाजपा के पार्षद शामिल नहीं हुए, लेकिन सोमवार को हुई नामांतरण समिति की बैठक में सभी सभापति सहर्ष शामिल हुए। जिससे ऐसा लगता है कि शहर विकास में होने वाले निर्माण कार्यो में भाजपा के पार्षदों को दिलचस्पी नहीं है यां संगठन पदाधिकारियों के कहने पर पार्षद ऐसा करने पर मजबूर है। पिछले छ: माह में शहर विकास की बैठकों में भाजपों पार्षदों के नहीं आने से परेशान होकर नपाध्यक्ष ने अब इन पार्षदों को लेकर मार्गदशन के लिए भाजपा आलाकमान को लिखा है। सोमवार को नपाध्यक्ष अनिल दसेड़ा की अध्यक्षता में नामांतरण समिति की बैठक नपा सभागृह में हुई। जिसमें शहर के विभिन्न क्षैत्रों के 200 से अधिक नामांतरण प्रकरणों को रखा गया। जिसमें सें 140 प्रकरणों पर सहमति के बाद नामांतरण की मोहर लगी। नामांतरण समिति की बैठक में नपाध्यक्ष दसेड़ा के साथ सीएमओ अशोक शर्मा, नामांतरण प्रभारी कैलाश वर्मा के साथ भाजपा तथा कांग्रेस के सभी पार्षद व सभापति मौजूद रहे।

मंडल अध्यक्ष का था फरमान
नामांतरण समिति में पहुंचे एक भाजपा पार्षद ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि नामांतरण समिति परिषद द्वारा गठित समिति है, चुनावी आचार संहिता के चलते कई नामंातरण प्रकरण लंबित थे, जनहीत का मुद्दा था, कई लोगों के नामांतरण के कारण काम अटके हुए थे, जिस पर सोमवार को हुई नामांतरण समिति की बैठक शामिल हुए थे। शनिवार को हुई प्रेसिडेंट इन काउंसिल (पीआईसी) की बैठक में शामिल नहीं होने का फरमान भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश सोनी ने जारी किया था। इस कारण कोई भी सभापति नहीं पहुंचा था।


'एकला चालो का एजेंडा चला रहे
शहर विकास में रोड़ा बनना भाजपा के पार्षद और सभापति कभी नहीं चाहते है। पीआईसी के बैठक का बहिष्कार इसलिए किया था, क्यों अध्यक्ष अकेले ही स्वयं सबकुछ कर लेंगें, नपाध्यक्ष ऐकला चालों का एजेंडा चला रहे है। पीआईसी के मेम्बर्स से निर्माण और विकास के मुद़दे पास करवा लेते है, और स्वंय की जाकर उनका शुभारंभ कर देते है, विधायक निधि से पैसा आता है, उसमें विधायक को भी नहीं बुलाया जाता है, पीआईसी के किसी भी सदस्यों को शुभारंभ और निरीक्षण के लिए सूचित नहीं किया जााता है। इसलिए पीआईसी का विरोध किया है। नामांतरण समिति में लोगों के काम पेंडिग थे, इसलिए शामिल हुए।
- सुमन मेहता, भाजपा सचेतक

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned