पीएम आवास में शहर की चाल धीमी, गांव आगे

आवास पर अफसरों की खिंचाई, स्वच्छता में निशाने पर निकाय

By: harinath dwivedi

Published: 04 Jan 2018, 05:21 PM IST

रतलाम। उज्जैन कमिश्नर ने नए वर्ष में बुधवार को अपने पहले निरीक्षण के दौरान कई अफसरों को निशाने पर लिया। समीक्षा में आवास योजनाओं से लेकर सर्वेक्षण से पूर्व निकायों की कमजोर स्थिति पर सुधार की ताकीद दी। वहीं, पेंशन सहित अन्य योजनाओं में लक्ष्य की तुलना में धीमे कार्य पर असंतोष जताया। रतलाम के बाद जावरा में भी निरीक्षण किया।

कमिश्नर एमबी ओझा बुधवार को रोस्टर निरीक्षण से अलग व्यवस्थाओं की स्थिति जानने आए। कलेक्टोरेट में सुबह के समय कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल और जिला पंचायत सीईओ सोमेश मिश्रा की मौजूदगी में जिले के अफसरों के साथ १४ प्रमुख बिन्दुओं पर समीक्षा। पीएम आवास में जिले को दिए गए लक्ष्य की तुलना में धीमी प्रगति पर जनपदों के सीईओ को कार्य की रफ्तार तेज करने के लिए कहा। खाद्यान्न पर्चियों का सत्यापन अधूरा रहने से १६ हजार लोगों को खाद्यान्न आवंटन पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति से जानकारी ली। सिंचाई सहित महिला एवं बाल विकास, उद्योग और पेंशन की प्रगति को भी जाना गया।

दोपहर में राजस्व का रिकार्ड देखा
कमिश्नर ने दोपहर में राजस्व अफसरों की बैठक ली। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की स्थिति, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अधिकार पुस्तिकाओं का वितरण, राजस्व वसूलियों पर चर्चा की गई। महिला बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा भी कमिश्नर ने की और कहा कि आंगनवाडिय़ा घर से संचालित नहीं करें। जहां भवन नहीं है वहां स्कूल के अतिरिक्त कक्ष लिए जाएं।

अंदर समीक्षा, बाहर की नारेबाजी
आवास सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में चल रही थी। इसी दौरान शहर के बजरंग नगर और ईश्वर नगर के कुछ हितग्राही पीएम आवास में देरी की शिकायत लेकर पहुंच गए। वे कमिश्नर से चर्चा करना चाहते थे, लेकिन शहर एसडीएम अनिल भाना ने उनसे चर्चा कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राही सभाकक्ष के बाहर नारेबाजी करने के बाद एसडीएम के आश्वासन पर वापस लौट गए। कमिश्नर बाहर नहीं आए।

...सीएम ने अचानक वीसी में अफसरों को घेरा
कमिश्नर की समीक्षा के बीच अफसरों के पास मुख्यमंत्री की वीसी का संदेश आ गया। दोपहर में कमिश्नर ओझा के साथ कलेक्टर सुन्द्रियाल, उपायुक्त पवन जैन, आरती गेहलोत और अपर कलेक्टर डॉ. कैलाश बुंदेला एनआईसी कक्ष पहुंचे। वीसी के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागवार रोडमैप और विभागों की प्राथमिकताओं पर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी प्रगति की जानकारी हर माह की ५ तारीख तक मुख्यमंत्री सचिवालय को उपलब्ध कराएगा। सभी जिलों को २ अक्टूबर 18 तक खुले में शौच से मुक्त करने का कार्य करने, गांवों को समूह में बांटकर युवाओं को स्वच्छता सेवी बनाने तथा महिला समूह को स्वच्छता से जोडऩे, मनरेगा से निर्माण और सूखा प्रभावित क्षेत्र में रोजगारमूलक कार्य के निर्देश दिए।

शहरी गरीबों के लिए ५ लाख आवास
वीसी में मुख्यमंत्री ने शहरी गरीबों के पांच लाख आवास बनाने का कार्य पूरा करने के साथ ही शहरी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था लागू करने, नर्मदा के तट पर स्थित नगरों में सीवरेज प्रणाली शुरू करने, शहरी पेयजल योजनाओं का कार्य समय पर करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर योजना की देशभर में सराहना हो रही है। खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र हितग्राहियों के नाम जोडऩे और आदिवासी बाहुल्य जिले के किसी एक विकासखंड को डीबीटी लागू करने के लिए भी कहा।

कमिश्नर की क्लास मेंं प्रगति की जांच
पेंशनर्स की संख्या जिले मेें 78 हजार है, 24 हजार के ही आधार पोर्टल पर दर्ज है। कमिश्नर ने अभियान चलाने के निर्देश दिए।
सैलाना तथा बाजना जनपदों में आवास की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। पिपलोदा जनपद में अच्छे कार्य की सराहना की।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नए उपभोक्ताओं की आधार सीडींग तेजी से करने के लिए कहा, सत्यापन में अपात्रों को हटाने के निर्देश।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना पर समीक्षा में कहा कि असफल उद्यमियों के सामने क्या समस्या आई, इसका निराकरण उचित स्तरों पर कराया जाएं।
दीनदयाल रसोई योजना के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। साथ ही नेकी की दीवार के लिए भी इस स्थल के आसपास व्यवस्था की बात कही।

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harinath dwivedi Editorial Incharge
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