कंटेनर नहीं मिलने से एक्सपोर्टर भेज रहे दूसरे पोर्ट से माल

harinath dwivedi

Publish: Feb, 15 2018 04:49:46 (IST)

Ratlam, Madhya Pradesh, India
कंटेनर नहीं मिलने से एक्सपोर्टर भेज रहे दूसरे पोर्ट से माल

- आईसीडी में नहीं मिलते कंटेनर, एक्सपोर्टरों की संख्या हुई कम

रतलाम (लक्ष्मणसिंह सोलंकी)। नगर के उत्पाद को सात समंदर पार पहुंचाने के लिए भले ही नगर में इंडियन कंटेनर डिपो (आईसीडी) की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन कारोबारियों का रुझान इससे हटने लगा है। यहां कंटेनर समय पर उपलब्ध नहीं होने और माल क्लियरिंग में देरी के चलते अपने शहर के कारोबारी अब दूसरे शहरों के पोर्ट से माल एक्सपोर्ट कर रहे हैं। पिछले दो सालों में यहां से माल बाहर भेजने वाले कारोबारियों की संख्या गिरकर आधी रह गई है। यदि यही स्थिति रही तो वह दिन दूर नहीं जब यहां के डिपो पर ताला लग जाए।
पश्चिम रेलवे के मुंबई दिल्ली रेल मार्ग पर रतलाम जंक्शन दोनों महानगरों के मध्य स्थित है। यहां से देश के हर कोने व पोर्ट पर माल भेजने में सुविधा है। टै्रक की सीधी कनेक्टिविटी है, इसके चलते वर्ष २०१३ में यहां एक्सपोर्ट क्लियरेंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंचार्ज सिस्टम (ईडीआई) शुरू हुआ था। इससे निर्यातकों को बड़ी सौगात मिली, लेकिन रेलवे व कस्टम अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह सुविधा धीरे-धीरे बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। इस पोर्ट से वर्ष १५-१६ में एक्सपोर्टर की संख्या ३० से अधिक थी, करीब १० हजार कंटेनर माल की बुकिंग होती थी। लेकिन मौजूदा समय में पोर्ट से माल एक्सपोर्ट करने वाले केवल 16 कारोबारी रह गए हैं। वहीं कंटेनरों की संख्या चार हजार रह गई है।

कारोबारियों ने यह विकल्प अपनाया
रतलाम में कंटेंटर देरी से मिलते थे, इसलिए विदेशों में बैठी पार्टी को समय पर माल नहीं मिल पाता था, इसके चलते कारोबारियों को घाटा होने लगा। इससे बचने के लिए कई कारोबारी अब प्रीतमपुर, इंदौर, कांडला (गुजरात), नावासेवा (मुंबई) और गोवा से माल एक्सपोर्ट कर रहे हैं। वहां समय पर कंटेनर मिलते हैं और उनका माल विदेशों तक आसानी से पहुंच जाता है।
ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, लेनएक्सेस इंडिया प्रा लि, सोनिक बायोकेम एक्सट्रेंशन लि., डीपी वायर लिमिटेड, इंडियन प्लास्टिक इंड्रस्टीज, मध्य भारत सिरेमिक्स, शेस स्पाइस, कटारिया इंड्रस्टीज, एमएम पुंजियाजी स्पाइस लिमिटेड, शिव प्लास्टिक।

रतलाम में एक्सपोर्ट- इंपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए रेलवे के अधिकारियों को सहयोग करना चाहिए। समय पर रैक उपलब्ध कराने पर माल का परिवहन समय पर होगा। इससे कारोबार बढ़ेगा व लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।
अजय कोष्टा, सुपरिटेंडेंट आईसीडी।
कंटेनर उपलब्ध कराकर उन्हें भरने का काम कोरिडोर कंपनी(निजी कंपनी ) का होता है। रेलवे तो भरे कंटेनर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने का कार्य करती है।
पवनकुमारसिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक।
रेलवे द्वारा समय पर रैक उपलब्ध नहीं करना से यहां के कारोबारियों को परेशानी हो रही है। रेलवे ने प्रीतमपुर के समीप आईसीडी का सीडी बनाया है। इसके चलते मुंबई से चलने वाला रैक पहले वहां जाता है, वहां से रतलाम भेजा जाता है। इससे देरी होती है। रेलवे को कम से कम तीन दिन में एक रैक उपलब्ध कराना चाहिए।
विजयसिंह पंवार, सहायक प्रबंधक, एमएम पुंज्याजी।

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