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मजबूरी या लालच? बेच रहे हैं अपना हक

locationरतलामPublished: Sep 19, 2022 06:13:43 pm

अधिकारी बोले-दुकानदार जिम्मेदार, हितग्राहियों से खरीदा तो होगी कार्रवाई

मजबूरी या लालच? बेच रहे हैं अपना हक
मजबूरी या लालच? बेच रहे हैं अपना हक
रतलाम। इसे मजबूरी कहें या फिर लालच। राशन के गेहूं व चावल हितग्राही बाजार में बेच रहे हैं। कुछ पूरा ही बेच कर रुपए लेते हैं तो कुछ आधी राशन सामग्री बेच बदले में अन्य सामग्री दुकानदार से ले रहे हैं। पूरे जिले में ही यह गोरखधंधा चल रहा है। हाल ही में खाद्य विभाग व पुलिस ने राशन सामग्री से भरे ट्रक पकड़े हैं, पूछताछ में खुलासा हुआ कि अधिकांश राशन सामग्री हितग्राहियों ने ही दुकानदारों को बेची है। हालांकि उचित मूल्य के दुकानदारों की हेराफेरी से भी इंकार नहीं किया जा सकता। खाद्य आपूर्ति विभाग ने चेताया है कि दुकानदार हितग्राहियों से राशन सामग्री खरीदेंगे तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उदाहरण के लिए आम्बा ग्राम पंचायत को ही लें तो इससे जुड़े 12 गांवों के 1094 हितग्राहियों को एक रुपए किलो में 3 किलो गेहूं, दो किलो चावल और नमक दिया जा रहा है। कई हितग्राही वाहन लेकर आते हैं और परिजनों के हिसाब से राशन सामग्री प्राप्त कर चले जाते हैं। जैसे पांच सदस्य है तो 25 किलो राशन। यहां से वे घर जाने की बजाय किराणा दुकानदार के पास जाकर सामग्री बेच देते हैं। गेहूं 15 से 20 रुपए किलो, चावल 12 से 18 रुपए किलो में बेचते हैं। लोभ के फेर में फंसे दुकानदार राशन सामग्री ट्रक में भरकर मिल या होलसेल व्यापारी को बेचते हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रदेश से बाहर भी यह राशन सामग्री दुकानों में बिक्री के लिए भेजी जाती है।
अभी यह है राशन व्यवस्था
मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में 3 किलो गेहूं व 2 किलो चावल एक रुपए प्रति किलो के हिसाब से देय है जबकि प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के तहत यह निशुल्क मिलता है। अंत्योदय में 20 रुपए किलो के हिसाब से प्रति हितग्राही एक किलो शक्कर मिलती है।
यहां मिले मामले
14 अगस्त को ढोढर में राशन दुकानों से गरीबों को दिए जाने वाला चावल के 111 कट्टों से भरा ट्रक पुलिस ने बरामद किया। वहीं 2 सितंबर को नामली में एक फार्म हाउस से गेहूं और चावल से भरे वाहनों को कब्जे में लिया। दोनों ही जगह हितग्राहियों की ओर से ही राशन सामग्री बेचना सामने आया। हालांकि रतनगढ़ पीठ में राशन दुकान संचालक गबन करते मिले। कुल 3 लाख 50 हजार रुपए के राशन की हेराफेरी की।
इनका कहना है
अब एक-एक हितग्राही को तो कैसे पकड़े। दुकानदारों को जरुर पाबंद किया है कि वे हितग्राहियों से राशन सामग्री नहीं खरीदे, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में ऐसे ट्रक जब्त किए हैं। अब संबंधित दुकानदार के खिलाफ ही कार्रवाई चल रही है।
एएस चौधरी, जिला आपूर्ति अधिकारी, रतलाम

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