1687 किसानों को गेहूं की राशि का इंतजार, मंडी और कृषि विभाग लगा रहे चक्कर

1687 किसानों को गेहूं की राशि का इंतजार, मंडी और कृषि विभाग लगा रहे चक्कर

harinath dwivedi | Publish: Jul, 13 2018 05:34:58 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

कृषक समृद्धि योजना अन्तर्गत मिलना थे प्रति क्विंटल 265 रुपए

रतलाम। कृषि उपज मंडी रतलाम में कई किसानों द्वारा व्यापारियों को बेचे गए गेहूं का कृषक समृद्धि योजना अन्तर्गत मिलने वाला प्रति क्विंटल 265 रुपए का लाभ अब तक नहीं मिला है। हालात यह है कि जिले के ऐसे1687 किसान है, जिनकी राशि अटकी हुई है। 12-15 किसान हर दिन कभी कृषि उपज मंडी तो कभी कृषि विभाग के चक्कर, लगा रहे हैं। उन्हे बस एक ही जवाब मिलता है, वरिष्ष्ठालय को किसानों की लिस्ट पहुंचा दी है, जैसे ही निराकरण होगा राशि खाते में आ जाएगी। साथ ही भावांतर योजना अन्तर्गत लहसुन और प्याज के भी कई किसानों की भी राशि अटकी हुई है।
रिंगनिया अरविंद पाटीदार ने बताया कि 82 क्विंटल गेहूं मैने मंडी में बेचे थे, कृषक समृद्धि योजना अन्तर्गत प्रति क्विंटल 265 रुपए का मान से राशि अब तक नहीं आई है। इसी प्रकार गांव के संजय पाटीदार, रामचंद्र पाटीदार की भी राशि अटकी हुई है। तकनीकी त्रुटि के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सोयाबीन भी बाहर आ गए, लेकिन गेहूं की राशि नहीं मिली है। कृषि विभाग और मंडी गए थे, अभी इंतजार करने का कह रहे हैं कि राशि आ जाएगी। किसान चक्कर, लगा रहे है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
लेटफार्मों पर जमा व्यापारियों का माल
रतलाम। महू-नीमच रोड स्थित कृषि उपज मंडी और सैलाना बस स्टैंंड स्थित सब्जी मंडी के प्लेटफार्मों पर जमा रखी खरीदी गई उपज कारण किसान हर दिन परेशान हो रहे हैं। हालात इतने खराब है कि कभी-कभी तो अधिक आवक के समय किसानों को उपज भी भिगती रहती है। कुछ दिन पहले मंडी सचिव एमएल बारसे द्वारा समस्त व्यापारियों को नोटिस देकर खरीदा गया माल समय सीमा में उठाने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन लगता है कि बार-बार नोटिस देकर केवल ईतिश्री कर ली जाती है और स्थिति जस की तस हमेशा बनी रहती है। कृषक रमाकांत पाटीदार, अनिरूद्ध, सत्यनाराय पाटीदार ने बताया कि कभी कभी तो सैलाना बस स्टैंड मंडी के प्लेटफार्म पर खड़े रहने की तक की जगह नहीं रहती है। किसान परेशान रहते हैं, सभी प्लेटफार्मों पर व्यापारियों द्वारा खरीदी गई उपज महिनों तक जमा रहती है, उठाई नहीं जाती है। किसान को ट्राली बाहर और ढेर के समीप ढेर लगाने से विवाद की स्थिति भी बनती है। बारिश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
1687 किसानों की जानकारी पहुंचाई है
कृषक समृद्धि योजना अन्तर्गत 1687 किसानों की राशि अटकी हुई है, इसकी पूरी जानकारी मंडी कार्यालय से एनआरसी को पहुंचा दी है। इसके अलावा भावांतर में प्याज और लहसुन के भी कुछ किसान बाकि, उनकी भी जानकारी वरिष्ष्ठालय को भेज दी है।
सत्यनारायण गोयल, सहायक सचिव कृषि उपज मंडी, रतलाम

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