प्रशिक्षु वैज्ञानिकों को सौंपी कृषि विज्ञान केंद्र की कमान, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने जताई नाराजगी

प्रशिक्षु वैज्ञानिकों को सौंपी कृषि विज्ञान केंद्र की कमान, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने जताई नाराजगी

harinath dwivedi | Publish: Sep, 10 2018 05:20:22 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, नियम विरुद्ध कर रहे काम

रतलाम। किसानों की समस्या हल हो, उन्हे कृषि-पशु पालन और बीज के क्षेत्र में नया मिले तथा जिला स्तर पर वैज्ञानिकों की सहायता से आधुनिक खेती के लिए प्रेरित करना वाला रतलाम का एक मात्र कृषि विज्ञान केंद्र कालूखेड़ा उ²ेश्यों से भटक गया है और इन दिनों संचालक मंडल और वैज्ञानिकों के आपसी विवादों में उलझा पड़ा। ऐसे में किसानों की समस्या कैसे हल होगी राम जाने।
हालत यह है कि यहां वरिष्ठ वैज्ञानिक को दरकिनार कर प्रशिक्षु को केंद्र की कमान सौपे जाने का मामला गर्मा गया। संचालक मंडल, पूर्व केंद्र प्रभारी और वरिष्ठ वैज्ञानिक नियमों के लेकर आमने सामने है। संचालक मंडल की माने तो नियम तो वरिष्ष्ठ को ही चार्ज देने का होता है, लेकिन योग्यता के आधार पर प्रशिक्षु को अस्थाई रूप से प्रभारी बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ वैज्ञानिक की माने तो यह नियम विरुद्ध काम हुआ है।
बता दें कि कृषि विज्ञान केंद्र वर्तमान में हालात वैसे ही खराब है, १६ कर्मचारियों के स्थान पर मात्र तीन कर्मचारी कार्यरत है, इसमें से भी दो वैज्ञानिक और एक सहायक के रूप में पदस्थ है, लेकिन केंद्र की आवश्यकताओं को ध्यान में नहीं रखते हुए मनमर्जी से संचालन हो रहा है, जिसका फायदा ना तो यहां आने किसानों मिल रहा और ना ही कोई नवाचार के आसार नजर आ रहे है, ताकि जिले के किसानों को फायदा मिल सके।
नियमों के विरुद्ध काम
जितनी तमन्यता से महेंद्रसिंहजी संचालन कर रहे थे, उनके जाते ही नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मैने मेरे सब्जेक्ट पर तमन्वयता से कार्य किया है। उसके बाद इस तरह से व्यवहार करना गलत है।
-कामिनीकुमारी, वैज्ञानिक मृदा विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्र कालुखेड़ा
गलत नहीं हुआ है...
वैज्ञानिकों की कमी है, इंटरव्यू हो चुके है नई नियुक्तियां होने वाली है। मेरी सेवानिवृत्त के बाद योग्यता के आधार पर प्रशिक्षु वैज्ञानिक मनोजकुमार जाट को चार्ज दिया है। कोई गलत नहीं हुआ है। होम सांईस का सहायक पद पर एक कर्मचारी है, जो दस साल से कार्यरत है, इनका भी इंटरव्यू हो चुका है। अभी पांच पोस्ट का इंटरव्यू हो चुके है, रिजल्ट आना बाकि है। फोन पर शिकायत भोपाल पहुंचने पर, हमने कहां था कि आप आकर जांच करे।
-एमबी शर्मा, सेवानिवृत्त पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र कालुखेड़ा
वरिष्ठ में कमी तो योग्य को चार्ज दे सकते हैं
मैनेंजमेंंट जिसे योग्य समझेगा उसे चार्ज देगा। नियम जरुर बोलता है कि वरिष्ठ को दिया जाए, लेकिन वरिष्ठ में कमी है तो जो योग्य होगा उसे चार्ज दे सकते हैं। यह अस्थाई रूप से चार्ज दिया है। जिसे चार्ज नहीं मिलेगा वह असंतुष्ट होकर शिकायत करेगा ही। जिस महिला को वैज्ञानिक बनाए जाने की बात की जा रही है, वह १०-१५ सालों से सहायक पद है, अभी उनका इंटरव्यू हुआ है। पूरे मामले को संचालक मंडल देखता है। अभी कर्मचारी कम है, इसलिए परेशानी तो आती है।
-केके सिंह, चेयरमैन कृषि विज्ञान केंद्र कालुखेड़ा

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