नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी नहीं जागा विभाग

अब तक जांच दल तय नहीं

By: Chandraprakash Sharma

Updated: 10 Apr 2019, 05:34 PM IST

रतलाम। सरकारी और निजी स्कूलों में 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। निजी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के पालकों को स्कूल संचालकों द्वारा तय दुकानों से पुस्तकें, कॉपिया, यूनिफार्म आदि खरीदने का दबाव बनाना आम बात है। शिक्षा विभाग सत्र शुरू होने से काफी पहले समिति गठित करके निजी स्कूलों के लिए दिशा निर्देश भी जारी करता है किंतु इस बार विभाग के आला अधिकारी अब तक न समिति तय कर पाए और न ही आदेश ही जारी कर सके हैं। मजेदार बात यह है कि विभाग में अब इसकी तैयारी चल रही है जबकि लगभग सारे निजी स्कूलों में प्रवेशित बच्चों की पुस्तकों, कॉपियों और यूनिफार्म की खरीदी हो चुकी है।
यह भी हैं निर्देश
निजी स्कूल संचालकों के लिए स्पष्ट निर्देश है कि उन्हें अपने यहां चलाए जाने वाले कोर्स, यूनिफार्म आदि की जानकारी नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करना है। साथ ही जो पुस्तकें चलाई जा रही है वे शहर में कम से कम चार या इससे अधिक दुकानों पर उपलब्ध होना चाहिए। अभिभावकों के लिए नोटिस बोर्ड पर ही संदेश भी लिखना होता है कि वे चाहे जिस दुकान से पुस्तकें, कॉपियां और यूनिफार्म खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।
एक साल में बढ़ गए सौ से तीन सौ रुपए दाम
शहर में संचालित निजी स्कूलों में अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने वाले अभिभावक हेरान-परेशान हैं। पिछले साल के मुकाबले पुस्तकों के दामों में सौ से लेकर तीन और पांच सौ रुपए तक की बढ़ोतरी हो गई है। बाजार में पुस्तकों में कोई बदलाव नहीं हुआ और न ही कोर्स बदला है फिर भी दामों में लगातार बढ़ोतरी ने अभिभावकों की जेब पर आर्थिक बोझ डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पुस्तक विक्रेताओं के अनुसार पुस्तकों के दाम प्रकाशक द्वारा ही तय किए जाते हैं इसलिए जो दाम वहां से तय होते हैं उसी के हिसाब से हम भी बेचते हैं। निजी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावक अपने नौनिहालों के लिए पिछले माह से ही पुस्तकें खरीदने में व्यस्त हो चुके हैं। ज्यादातर पुस्तक विक्रेताओं के यहां से पुस्तकें खरीद चुके हैं जबकि इस समय भी शहर के चुनिंदा पुस्तक विक्रेताओं के यहां शाम के समय भारी भीड़ उमड़ रही है। नौकरी पेशा परिवार इस माह वेतन मिलने के बाद बच्चों के लिए पुस्तकें खरीदने निकले हैं। बताया जाता है कि वे भी कोर्स बदलने या नहीं बदलने का इंतजार कर रहे थे।
इनका कहना
नया सत्र शुरू होने के ठीक पहले विभाग ने अपनी कार्रवाई करते हुए तय दुकानों से पुस्तकें, कॉपियां, यूनिफार्म खरीदने के स्कूल संचालकों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया गया है। कोई भी स्कूल किसी तय दुकान से पुस्तकें, कॉपियां, यूनिफार्म खरीदने के लिए किसी भी अभिभावक को बाध्य नहीं कर सकता है। यही नहीं अपने स्कूल परिसर से भी ये चीजें बच्चों को नहीं बेच सकते हैं।
रामेश्वर चौहान, डीईओ, रतलाम

Chandraprakash Sharma Desk
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