भील समाजजनों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

भील समाजजनों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

रतलाम। मप्र लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) द्वारा रविवार को आयोजित की गई परीक्षा में भील जनजाति पर पूछे गए प्रश्न को लेकर रतलाम में भी विरोध शुरू हो गया है। सैलाना विधायक हर्षविजय गेहलोत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पीएससी में पूछे गए प्रश्न पर आपत्ति जताई और उक्त प्रश्न का चयन करने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। जिला मुख्यालय पर आदिवासी समाज से जुड़े जनप्रतिनिधि व लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। सैलाना विधायक ने पत्र में बताया गया कि अनुसूचित जनजाति के संबंध में पूछा गया प्रश्न आपत्तिजनक है। राज्य सेवा आयोग की यह सोच निंदनीय है। यह भील आदिवासी समाज का अपमान है व तुच्छ नजर से देखने की मनुवादी मानसिकता का प्रतीक है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर बर्खास्त करें
विधायक ने मांग की है कि आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर बर्खास्त किया जाए व इसे आरएसएस के चंगुल से मुक्त किया जाए। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पहुंचे समाज से जुड़े लोगों को कहना है कि इस प्रकार का दुष्प्रचार किसी वंचित समुदाय के एस्ट्रोसिटी एक्ट के तहत कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। प्रश्न तैयार करने वाले आयोग के अधिकारियों पर अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण 1989 के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
विधायक भूरिया ने भील समाज पर किए सवालों पर आपत्ति जताई
झाबुआ. मप्र आदिवासी विकास परिषद के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक कांतिलाल भूरिया ने एमपी पीएससी के चैयमरेन भास्कर कुमार चौबे और सचिव रेणु पंत के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को नीचा दिखाने के उद्देश्य से एमपी पीएससी के चैयरमेन और सचिव ने यह कृत्य किया। मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस प्रश्न पत्र की कॉपी और मांग पत्र सौंपकर इनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और पद से हटाने की मांग करूंगा, क्योंकि जानबूझकर आदिवासियों को अपमानित करने और नीचा दिखाने के लिए ऐसा किया है। 16 व 17 जनवरी को विधानसभा के सत्र में सभी आदिवासी विधायक जाकर सीएम के सामने इस मुद्दे को उठाएंगे।

Chandraprakash Sharma Desk
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned