धारा 144 ः एडवोकेट कोर्ट में लगाएंगे पीआईएल

धारा 144 ः एडवोकेट कोर्ट में लगाएंगे पीआईएल

By: kamal jadhav

Published: 23 Jan 2020, 12:12 PM IST

रतलाम। आगामी दिनों में गणतंत्र दिवस मनाए जाने के पहले तक लगी धारा १४४ को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। शहर के एक एडवोकेट राकेश शर्मा ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल करने और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को उनके द्वारा दिए गए फैसले के तारतम्य में रतलाम में धारा १४४ हटाने के लिए पत्र लिखने की बात कही है। राकेश शर्मा पहले ही अन्य एडवोकेट साथियों के हस्ताक्षरित एक पत्र जिला प्रशासन को धारा १४४ हटाने को लेकर दे चुके हैं। दूसरी तरफ शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने भी शहर में लगातार धारा १४४ लगाए जाने को लेकर सवाल खड़ा

करते हुए इसे औचित्यहीन बताया।
एडवोकेट शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कश्मीर जैसे ज्वलनशील मामले में धारा 144 पर दिए गए दिशा निर्देशों का भी हवाला देकर उसका पालन करने का अनुरोध जिला प्रशासन से पूर्व में दिए पत्र में किया गया था, लेकिन गणतंत्र दिवस नजदीक आने पर भी जिलाधीश ने रतलाम शहरवासियों के मन में व्याप्त शंका को दूर नहीं किया है। इससे स्पष्ट है कि जिलाधीश शहर के देशभक्त नागरिकों को राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस मनाने से वंचित रखना चाहते हैं और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशो की भी अवहेलना करना चाहते हैं। शहर में जो मनमानेतौर पर सत्ता के प्रभाव मे आकर धारा 144 अवैधानिक रुप से लगा रखी है इसके लिए हाईकोर्ट मध्य प्रदेश में जनहित याचिका लगाई जाएगी और सुप्रीम कोर्ट को भी पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना जिला प्रशासन द्वारा किए जाने से अवगत कराया जाएगा।

शहर विधायक ने प्रतिबंध अनुचित
शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा धारा 144 पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों के बावजूद रतलाम शहर जैसे शांतिप्रिय जगह पर गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व को मनाने के लिए देशभक्त नागरिकों को धारा 144 का सर्पदंश झेलना पड़ रहा है जो वह अनुचित है। राष्ट्रीय पर्व पर होने वाले विभिन्न आयोजनों पर प्रशासन ने प्रतिबंध आदेश जारी रखे हंै, जबकि गणतंत्र दिवस पर नगर के विभिन्न संगठनों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत रैली व अन्य आयोजन वर्षों से परम्परानुसार किए जाते रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि तानाशाही प्रवृत्ति न अपनाकर आमजन को राष्ट्रीय पर्व भयमुक्त वातावरण में मनाने की सुविधा प्रदान करें। विधायक चेतन्य काश्यप ने गणतंत्र दिवस को लेकर प्रशासन के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि प्रशासन राजनीतिवश धारा 144 का दुरुपयोग कर रहा है, जबकि वर्तमान वातावरण में इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
अनुमति नहीं देना देश विरोधी कृत्य
हिंदू जागरण मंच ने भी राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पर आयोजन की अनुमति नहीं देना देश विरोधी कृत्य बताया। मंच के जिलाध्यक्ष राजेश कटारिया ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व मनाने के लिए अनुमति लेने की जरुरत पडऩा और प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं देना गलत है। प्रशासन के इस रवैये से प्रतीत होता है कि हम स्वतंत्र भारत में नहीं बल्कि अंग्रेजों के जमाने में जी रहे हैं। शहर में इतने लंबे समय तक धारा १४४ लगाए रखने का औचित्य समझ से परे है।

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