अपनों के सताए बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटीजन का सहारा

 

- शहर में अब तक ५२ बुजुर्गों के मामले पंचायत तक आए

By: bhuvanesh pandya

Published: 22 Aug 2017, 12:40 PM IST

रतलाम।

अपनों को अपनों के जज्बात कुचलते देखा है, झूठ में सून-सून के सच का कत्ल होते देखा है, नहीं फर्क पड़ता उन्हें क्या-क्या गुजरेगी, किसी पर उनको तो हमने अपने अरमान कुचलते देखा है। इन पंक्तियों में शहर के कुछ वृद्धजनों का दर्द छिपा है। जिन्होंने जीवन अपनी संतानों के लिए न्यौछावर कर दिया, आज वहीं उन्हें घर से बाहर करने पर जुटी है। पत्रिका से बातचीत के दौरान इन्हीं बुजुर्गों अपना सहारा सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत को माना है। अब तक पंचायत ५२ बुजर्गों की शिकायत पर उन्हें समझाइश व कार्यवाही के जरिए समाधान किया है। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत से अब तक १३ हजार वृद्ध सदस्य बनकर जिले में जुड़ चुके हैंं।

यह है कुछ मामले
- गौशाला रोड निवासी एक वृद्ध दंपती ने सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में शिकायत दी कि उनके बेटा व बहू ने किरायेदार को भगा दिया है और उन्हें भी मकान से बेदखल करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले की शिकायत पर वृद्ध दंपती के साथ बेटा विशाल व बहू आशा को बुलाकर समझाइश की और भरण-पोषण एक्ट में कार्रवाई होने की जानकारी दी। कानून के भय के बाद वह माता-पिता को साथ रख रहे है और परेशान नहीं कर रहें हैं।

- लोकेंद्र टॉकिज रोड निवासी हंसा तंवर पति सूर्यप्रकाश तंवर ने शिकायत दी थी कि उनका नोबल प्वाइंट में फ्लेट है। दीपक सेन ने किराये पर लिया था। एक साल का एग्रीमेंट था। उसके बाद भी खाली नहीं किया। वृद्धजनों को परेशान कर रहे थे। शिकायत पर पंचायत ने समझाइश की। उसके बाद शपथ लेकर अनुबंध किया। जिसके बाद फ्लेट खाली किया।

इस प्रकार के होते है वृद्धजनों के साथ अपराध
- ५० प्रतिशत मामले वह आते है, जिनकी संतान वृद्धों के साथ नहीं रहती है। उनके मकान पर किरायेदार कब्जा करने का प्रयास करते है।

- २० प्रतिशत मामले में बेटा-बहू द्वारा वृद्धजन को परेशान करना। उन्हें घर से बेदखल कर संपत्ति पर कब्जा करना और पेंशन हड़पना जैसे।
- १५ प्रतिशत मामले पत्नी और पति में इस बात को लेकर विवाद की। वह छोटे वाले बेटे पर अधिक प्रेम करती है। वह उसके साथ अधिक रहती है।

- १५ प्रतिशत मामले पड़ौसी द्वारा परेशान करने, स्वीपर द्वारा परेशान करना। इसके अलावा किसी के द्वारा रुपए हड़पने के मामले में आते है।

 

समझाइश पर करते हैं निराकरण


वृद्धजनों की किसी भी प्रकार की समस्या या पीड़ा को पंचायत सुनती है और समाधान करती है। बेटा-बहू से परेशानी, मकान पर कब्जा और अन्य पड़ौसी द्वारा परेशान सहित रुपए हड़पने के मामले सामने आते है। सभी की काउसिलिंग की जाती है। उसके बाद शपथ पत्र लेकर समय लिया जाता है। उसके बाद भी मामला विफल होने पर थाना पुलिस की मदद से कार्रवाई की जाती है।

- शबाना खान, कार्यालय प्रभारी सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत रतलाम।

 

वृद्धजनों को सुरक्षा का बोध
वृद्धजनों की समस्या को निराकरण करने का काम सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत कर रही है। जो कि समाज में पुलिस और समाजसेवी का अनुकरणीय उदाहरण है। जिनकी संतान उनकी बुढापे में नहीं सुनती यातना देती है, उन्हें जिम्मेदारी का बोध कराया जाता है। कानूनी कार्रवाई भी की जाती है। वहीं बुर्जुग स्वयं को अकेला नहीं समझे, उन्हें सुरक्षा का बोध पंचायत कराती है। उनकी चिकित्सा के लिए भी सुविधा है। जिले में कुछ चिकित्सक व अस्पताल पंचायत के कार्ड पर कुछ कनसेंशन देते है। जिले में करीब १३ हजार सदस्य बन चुके है।

- गोपाल खांडेल, एएसपी रतलाम।

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