पश्चिम बंगाल से रतलाम आई लड़कियां, परिवार ने लिया गोद

पश्चिम बंगाल से रतलाम आई लड़कियां, परिवार ने लिया गोद

Akram Khan | Publish: Jul, 12 2018 05:42:35 PM (IST) | Updated: Jul, 12 2018 05:42:36 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

पश्चिम बंगाल से रतलाम आई लड़कियां, परिवार ने लिया गोद

 

रतलाम। (जावरा) शहर के कुंदन वेल फेयर सोसायटी से इस माह करीब पांच बालिकाऐं अपने घर की और पुर्नवासित हुई। कुटीर में चार वर्षों से निवासरत बालिका तीर्था सरकारी एजेंसी केयर के सहयोग से नीमच शिशु ग्रह व रतलाम महिला सशक्तिकरण के प्रयास से पूना के एक संभ्रात परिवार द्वारा गोद लिया गया। इन ख़ुशियों में एक ख़ुशी ओर तब जुड़ गई जब 24 अक्टूबर १७ को चाइल्ड लाइन रतलाम के माध्यम से संस्था कुंदर वेलफेयर में प्रवेशीत बालिका के परिजनों को संस्था व चाइल्ड लाइन के अथक प्रयास से ढूंढ निकाला।


पश्चिम बंगाल के जिला मालदा से आंक्टूबर 2017 में पलायन कर मध्यप्रदेश के रतलाम तक पहुंचने वाली बालिका अपने परिजनों से नाराज होकर घर से निकल गई थी। बालिका ऐसी की न घर जाने को ना ही घरवालो के बारे में बताने को तैयार, पर संस्था में मिले प्यार ओर परामर्श से बालिका ने घर का पता तो बता दिया पर घर जाने को राजी नहीं हुई। कुछ समय बीतने के बाद बालिका ने संस्था को ही अपना घर समझ के हिंदी भाषा सिखने के साथ ही सिलाई मेहंदी ओर पार्लर का कोर्स करने लगी दिव्यांग बालिका संस्था संस्थापक रचना मां के बहुत करीब रही फिर डॉक्टर भारतीय द्वारा धीरे-धीरे बालिका को विश्वास ओर प्यार में लेकर उसके परिजनों से लगातार बात करवाई गई। परिजनों का ग़ुस्सा भी शांत हुआ।

बालिका के परिजनों को संस्था में आने हेतु मनाया गया किंतु आर्थिक बदहाली के कारण परिजन इतनी दूर आने में अक्षम रहे, जिस पर तात्कालिक बल कल्याण समिति मंदसौर द्वारा रतलाम पुलिस को निर्देशित किया गया किंतु वहां से कोई भी सहायता नहीं मिली। तभी चाइल्ड लाइन रतलाम द्वारा इस संवेदनशील भूमिका का निर्वहन करते हुए व बालिका को उसके घर तक छोडऩे हेतु बाल कल्याण समिति रतलाम से आग्रह किया।

पश्चिमबंगाल भेजा गया

वर्तमान बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉक्टर रचना भारतीय व समिति सदस्यों द्वारा बालिका के सर्वोत्तम हित को देखते हुए व उसके पुनर्वास को देखते हुए चाइल्ड लाइन समन्वयक प्रेम चौधरी व उनकी टीम की अभिरक्षा में पश्चिमबंगाल हेतु भेजा गया। बालिका ग्रह से जाते समय रचना मां व सबसे बिछडऩे के दर्द से काफी विचलित बालिका के चेहरे पर घर जाने की उत्सुकता भी नजर आई। संस्था कुंदन वेल फेयर, बाल कल्याण समिति रतलाम व चाइल्ड लाइन रतलाम की अभिनव भूमिका से पुन: एक बालिका पुनर्वासित हुईं।

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