सर्दी का रिकार्ड टूटा...पारा 5.1 डिग्री, अभी इस शहर में राहत नहीं

सर्दी का रिकार्ड टूटा...पारा 5.1 डिग्री, अभी इस शहर में राहत नहीं

By: Gourishankar Jodha

Published: 30 Dec 2018, 02:12 PM IST

रतलाम। कड़ाके की सर्दी शहरवासियों सहित अंचल में ग्रामीणों को कंपकंपा दिया। शनिवार-रविवार की रात में ठंड से जहां एक ओर आमजन कंपकंपा उठा है वहीं खेतों में लहलहाती फसलें ठंड से मुरझा गई है। रिकार्ड तोड़ सर्दी ने किसानों के चेहरों पर परेशानी की लकर खिंच दी, अलसुबह खेतों में जमी बर्फ ने आलू, डालर चना, गेहूं और मटर आदि फसलों पर पाले से हालात पैदा कर दिए। रात का पारा 5.1 डिग्री सेल्सियस पर चला गया, जिसने पिछले 7 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के अनुसार रतलाम में 26 दिसंबर 2015 को रात का तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था। इसके बाद 2018 दिसंबर माह की यह सबसे सर्द रात रही। शाम होते पुन: खून जमा देने वाली सर्दी असर शुरू हो गया। शहर में राहगीर वाहन चालक और पैदल चलने वाले भी सुबह से रात तक ऊनी वस्त्रों में दुबके नजर आए, तो कोई अलाव जलाकर राहत पाता दिखाई दिया।


समीपस्थ ग्राम रिंगनिया के किसान जयप्रकाश पाटीदार, मांगरोल के दिनेश पांखरिया ने बताया कि सुबह खेतों में बर्फ की चादर जैसे हालात हो गए थे, डालर चने सहित गेहूं की फसल पर भी काफी नुकसान की संभावना। कई खेतों में डॉलर चने और प्याज की फसल पर बर्फ जम गई, तो सिंचाई के उपयोग में लिए जाने वाले पाइप भी चॉक हो गए। जिससे चने की फसल पर अधिक असर होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। फसल नुकसानी का असर दो-तीन दिन में दिखाई देगा। कृषि विभाग के अनुसार जिले में १ लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चने की फसल लगी है, जिसमें से 30-35 प्रतिशत डॉलर चने की है। किसान भाई सर्तकता रखे पाले की स्थिति देखते हुए खेतों में शाम को अलाव जलाए, हल्की सिंचाई भी कर सकते हैं, जिससे पाले का असर कम हो सकता है। मौसम प्रेक्षक महेशकुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को दिन का तापमान 0.4 डिग्री की वृद्धि के साथ 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस लुढ़ककर 5.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

 

पाले से फसल बचाने के उपाय...
कृषि उप संचालक रतलाम जीएस मोहनिया ने पाले से रबी फसलों की सुरक्षा के संबंध में बताया कि वर्तमान में वायु में अत्यधिक नमी की कमी कड़ाके की सर्दी एवं शाम में हवा के अचानक रूक जाने तथा भूमि के निकट का तापमान अत्यंत कम होने से चना, मटर, मसूर, मिर्च, सरसो, मक्का आदि फसले पाले से प्रभावित होती है। जिससे पत्तियां फुल मुरझाकर सूख जाते हैं और उत्पादन प्रभावित होता है। अत: किसान भाई पाले से बचाव के लिए यह उपाय करें।

ये करे उपाय...
धुआ करना- उत्तर पश्चिम दिशा में जिस तरफ से हवा की दिशा हो उस तरफ से खेत की मेड़़ों पर 6-8 जगह घास-फुस जलाकर धुआ करे, ताकि तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से उपर रहे।
सिंचाई करना- फसल में पाले की संभावना को देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई अवश्य करें।
रसायनों उपयोग-1 प्रतिशत सल्फर या गंधक का स्प्रे करे अर्थात 1 लीटर गंधक में 1000 लीटर पानी में मिलाकर 1 हेक्टेयर में स्प्रे करें, जिससे फसल की रोगरोधिता बढ़ती है या साईकोसिल नामक रसायन 400 ग्राम के मान से छिड़काव कर पाले से फसल को बचाया जा सकता है।

Gourishankar Jodha
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