फोटो वायरल कर ब्लैकमैल करने वाले को सजा

फोटो वायरल कर ब्लैकमैल करने वाले को सजा

By: kamal jadhav

Published: 04 Mar 2020, 11:12 AM IST

रतलाम। फोटो एडिट करके सोश्यल मीडिया वाट्सएप पर डालकर किशोरियों को ब्लैकमैल करने वाले आरोपी और उसका साथ देने वाली मां और पत्नी को पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश साबिर एहमद खान की कोर्ट ने सजा सुनाई है। फोटो एडिट करने वाले आरोपी को अलग-अलग धाराओं में दो-दो साल की सजा और एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी के मा और पत्नी को भी सजा और जुर्माना लगाया गया। अभियोजन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक सीमा शर्मा ने की।

बिलपांक थाने पर फरियादी ने 30 नवंबर 2018 को सूचना दी कि उसके वाट्सएप पर 29 नवंबर 2018 को किसी के मोबाईल नंबर से मेरे रिश्‍तेदारो की दो किशोरियों के पांच फोटो आए हैं। इनमें से मेरे एक रिश्‍तेदार की किशोरियों के फोटो अश्‍लील तरीके से बने हुए थे और कुछ फोटो गांव के रहने वाले बजेसिंह के साथ खीचे हुए थे। फोटो देखने के बाद अपने रिश्तेदार के घर गया और दोनों किशोरियो को मोबाईल पर अश्‍लील तरीके से बनाए गए फोटो और उनके बजेसिंह के साथ आए फोटो के बारे में पूछा। किशोरियों ने बताया कि आठ दिन पहले गांव में रहने वाले बजेसिंह ने हमारे फोटो अपने मोबाइल फोन से खीच लिए थे। इसके बाद बजेसिंह हम दोनो को कहने लगा था कि दोनो का फोटो को गलत तरीके से बना लिया है। इसी आधार पर वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाते हुए कहने लगा कि ऐसा नहीं होने पर ये फोटो वाट्सएप पर भेज दॅूगा। हमने समझा बजेंसिंह हमे झूठ बोल रहा है। तो हमने उसकी बात नहीं मानी।

चोरी और सीनाजोरी करने लगा आरोपी
फरियादी ने बताया कि शाम पांच बजे बजेसिंह के पास गए और उससे कहा कि तुमने हमारी अवयस्‍क बालिकाओं के फोटो खिंचकर उन्‍हें अश्‍लील बनाकर वाट्सएप पर क्‍यों भेजे। इस पर बजेंसिंह ने मां-बहन की गालिया देने लगा। हमने गाली देने से मना किया तो बजेंसिंह की पत्नि पेपा बाई और मां शांतिबाई ने मारपीट शुरू कर दी व धमकी दी कि पुलिस में रिपोर्ट की तो जान से खत्‍म कर देंगे। इस पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दोनों किशोरियों के कथन लेख किए। 3 दिसंबर 2018 को आरोप बजेंसिंह को गिरफ्तार कर उसका मोबाईल जब्त किया गया। मोबाईल में उक्त अश्‍लील फोटो संरक्षित मिले। 24 दिसंबर 2018 को बजेंसिंह की माता शांतिबाई व 29 दिसंबर 2019 को उसकी पत्नी पेपाबाई को गिरफतार कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण उपरांत न्यायालय ने तीनो अभियुक्तगणों को दोषसिद्ध पाते हुए नियमानुसार दंडित किया।

इन्हें यह दी गई सजा
- बजेंसिंह पिता मोतीलाल को धारा 4/6 स्‍त्री अशिष्‍ट रूपण प्रतिशेध अधिनियम एवं 66ई आईटी एक्‍ट व 469 भादवि में 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000-1000 रुपए अर्थदंड।
- बजेसिंह को 67 आईटी एक्‍ट व 471 भादवि एवं 11/12 पॉक्‍सो एक्‍ट में 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000-1000 रुपए अर्थदंड
- मां शांतिबाई व बजेसिंह की पत्नी पेपाबाई को 323,34 भादवि (2 काउंट) में 1000-1000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया।

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