कांग्रेस सरकार की नजरों में चढ़ गए भाजपा सरकार के ये बड़े प्रोजेक्ट

कांग्रेस सरकार की नजरों में चढ़ गए भाजपा सरकार के ये बड़े प्रोजेक्ट

Sachin Trivedi | Updated: 30 Jan 2019, 01:38:29 PM (IST) Ratlam, Ratlam, Madhya Pradesh, India

रतलाम शहर में सीवर लाइन और पेयजल योजना की प्रगति को जांचेंगी सरकार

रतलाम. मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ प्रदेशभर के निकायों के कांग्रेस प्रतिनिधियों की बैठक के बाद नगरीय निकाय एवं आवास विभाग सक्रिय हो गया है। सरकार को मिले फीडबैक पर अब विभाग ने हर निकाय में चल रहे बड़े प्रोजेक्टों की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। रतलाम शहर में विवादित सीवर लाइन कार्य और पेयजल योजना की 30 मार्च तक की प्रगति की सरकार समीक्षा करेगी। नए वित्त वर्ष में इसको जारी रखने पर निर्णय होगा। नगरीय निकाय एवं आवास विभाग प्रदेश के निकायों में स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन के तहत जारी राशि से हो रहे बड़े कार्यो की प्रगति से सरकार को अवगत कराएगा। हाल ही में मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ चर्चा के दौरान कांग्रेस के निकाय प्रतिनिधियों ने भाजपा की बहुमत वाली निकायों में भ्रष्टाचार और मनमाने ठेकेदार को कार्य दिए जाने का मुद्दा उठाया था। नागरिकों की सुविधा को नजरअंदाज कर हो रहे इन बड़े कार्यो की प्रगति भी बेहद धीमी बताई गई थी। इसके बाद सीएम हाउस के निर्देश पर नगरीय निकाय एवं आवास विभाग ने हर निकाय से बड़े प्रोजेक्टों की रिपोर्ट तलब कर ली है।

शहर के इन दो बड़े प्रोजेक्टों पर नजर, काम धीमा, कई आरोप
प्रोजेक्ट: सीवर लाइन
लागत: करीब 136 करोड़
अवधि: 02 वर्ष से जारी
- शहर में चल रहे सीवर लाइन प्रोजेक्ट को लेकर शुरूआत से ही विवाद चल रहा है। गुजरात की एक फर्म के जरिए हो रहे इस कार्य पर भाजपा और कांग्रेस के पार्षद कई बार आपत्ति दर्ज करा चुके है। कार्य की गति भी बेहद धीमी चल रही है। अब मार्च ३० तक कंपनी को दर्शाए मैप के अनुसार प्रगति करना है, इसकी रिपोर्ट सरकार को जाएगी।

प्रोजेक्ट: पेयजल लाइन
लागत: करीब 38 करोड़
अवधि: 02 वर्ष से जारी
- शहर में बीते दो वर्षो से जारी जलावर्धन योजना के तहत डाली जा रही पाइप लाइन का कार्य भी कभी राजस्थान तो कभी गुजरात की फर्मो के बीच झूलता रहा है। पेयजल की यूआईडीएसएसएमटी योजना में धांधली को लेकर एक बार फिर सरकार तक शिकायत पहुंची है। पाइप सप्लाई वाली फर्मो के अनुबंध तथा कार्य पर सवाल उठे है।

प्रभारी मंत्री के समक्ष भी रखी मांग
जिले के प्रभारी मंत्री सचिन यादव के समक्ष भी नगर निगम की बहुप्रचारित योजनाओं को लेकर शिकायत की गई है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अदिति दवेसर ने कुछ प्रोजेक्टों पर आपत्ति ली तो पूर्व पार्षद बबीता नागर ने सिटी फोरलेन कार्य की जांच की मांग की। नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शैरानी पहले ही सीएम से चर्चा के दौरान निगम के भ्रष्टाचार की जांच की मांग कर चुकी है। कई पूर्व पार्षद भी अब खुलकर कार्यो पर असंतोष जताया।

सीएम को दी जानकारी
प्रदेश स्तरीय बैठक के दौरान सीएम को नगर निगम के भ्रष्टाचार से अवगत कराया है। सीवर लाइन सहित कई बड़े कार्यो में धांधली हो रही है, तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निकाय विभाग के मंत्री से भी हमने इस पर चर्चा की है।
- यास्मीन शैरानी, प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष महिला कांग्रेस

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned