इस शिक्षक ने एेसा मंत्र फूंका सब तरफ पेड़ हो गए

इस शिक्षक ने एेसा मंत्र फूंका सब तरफ पेड़ हो गए

By: kamal jadhav

Published: 05 Sep 2019, 11:16 AM IST

रतलाम। शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है और सरकार से आने वाली धनराशि शिक्षक अगर १०० फीसदी उपयोग करे तो सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों बदल सकती है। कुछ शिक्षक ऐसे होते भी हैं जो यह काम बखूबी कर रहे हैं जिससे इन सरकारी स्कूलों की दशा बदल गई है। इसमें एक नाम है हाईस्कूल अमलेटा का। यहां के प्राचार्य जितेंद्र जोशी ने स्कूल में कुछ हटकर करने की सोची और इस पर अमल किया तो आज इस स्कूल के आसपास पेड़ ही पेड़ हैं। जी हां उन्होंने २०१६ में अपने स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों में आने वाले अतिथियों को हार-फुल से स्वागत करने या उन्हेंं कोई स्मृति चिह्न देने की बजाय पौधा भेंट करने की परंपरा शुरू की तो यह अभियान बन गया। आज स्कूल के आसपास पेड़ ही पेड़ हो गए हैं। ग्रामीण भी अपने बच्चों की प्रेरणा से गांव में कई पेड़ लगाने में पीछे नहीं है।

राशि का पूरा उपयोग
जोशी ने स्कूल को मिली सरकारी राशि का बेहतरीन उपयोग करके एक आदर्श प्रस्तुत किया है। रतलाम ग्रामीण क्षेत्र की सबसे पहली स्मार्ट क्लास शुरू करने लिए आई राशि का उपयोग ऐसा किया कि आज भी यहां स्मार्ट क्लास से ही बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। यही नहीं जोशी ने स्टाफ को मोटिवेट करके राशि एकत्रित की और न केवल यहां वाटर कूलर लगवाया वरन स्कूल के एक कक्ष में फ्लोरिंग भी निजी पैसों से लगवा दी। और तो और उन्होने सोश्यल मीडिया का बेहतर उपयोग करने के लिए स्कूल के नौवीं और १०वीं के बच्चों के अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप तैयार करवाए। इसमें कोई भी बच्चा कभी भी अंग्रेजी, विज्ञान या गणित से जुड़ी समस्या पूछ सकता है और संबंधित शिक्षक उसे वाट्सएप पर ही उसका हल बता देता है। इस बार यह ग्रुप तिमाही परीक्षा के बाद ही शुरू करने की तैयारी कर ली गई है ताकि परिणामों को और बेहतर बनाया जा सके। जोशी बताते हैं कि वे हमेशा ही अपने स्कूल में कुछ अच्छा करने की सोचते रहते हैं। उनका यह मिशन आगे भी जारी रहेगा।

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