scriptThis university of Madhya Pradesh will teach pearl farming | मध्यप्रदेश का यह विश्वविद्यालय सीखाएगा मोती की खेती | Patrika News

मध्यप्रदेश का यह विश्वविद्यालय सीखाएगा मोती की खेती

- एक्वाकल्चर सेंटर में 12 माह में बन जाएंगे आकर्षक मोती

रतलाम

Updated: March 27, 2022 12:42:17 pm

रतलाम. मध्यप्रदेश के विक्रम विश्वविद्यालय ने अब आत्मनिर्भर भारत एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए मोती की खेती का प्रशिक्षण देना तय किया है। विश्वविद्यालय के एक्वाकल्चर सेंटर पर मोती की खेती की शुरुआत की जाएगी। करीब 12 से 15 माह की प्रक्रिया के दौरान आकर्षक और मनचाही आकृति वाले मोती तैयार हो सकेंगे। सेंटर पर मोती की खेती के साथ ही किसानों, युवाओं और विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन इसी वर्ष 2022 से इस खास की तरह की खेती की शुरुआत कर रहा है।

patrika
patrika
patrika
IMAGE CREDIT: patrika

रेड इंडियन की खास पसंद था मोती
विवि के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि रामायण काल में मोती का उपयोग काफी प्रचलित था। मोती की चर्चा बाइबल में भी की गई है। साढ़े तीन हजार वर्ष पूर्व अमरीका के मूल निवासी रेड इंडियन मोती को काफी महत्व देते थे। उनकी मान्यता थी कि मोती में जादुई शक्ति होती है। ईसा के बाद छठी शताब्दी में प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक वराहमिहिर ने बृहत्संहिता में मोतियों का विवरण दिया है। भारत में उत्तर प्रदेश के पिपरहवा नामक स्थान पर शाक्य मुनि के अवशेष मिले हैं, जिनमें मोती भी शामिल हैं। भारत में कई जगह पर मोती की खेती होती है, प्राय: यह खेती समुद्र में होती है। मोती की खेती मानव द्वारा मीठे जल में प्रारम्भ करते हुए विभिन्न रंग एवं आकर के मोती बनाए जा रहे हैं।

patrika
IMAGE CREDIT: patrika

सीप को चीरकर निकालते हैं मोती
मोती की खेती के लिए सर्वप्रथम उच्च कोटि की सीप ली जाएगी, जिसमें मुख्यत: समुद्री ऑयस्टर पिंकटाडा मैक्सिमा तथा पिकटाडा मर्गेरिटिफेरा, पिकटाडा बुल्गैरिस इत्यादि प्रजातियां शामिल हैं। मोती की खेती हेतु सीप का चुनाव कर लेने के बाद प्रत्येक सीपी में छोटी सी शल्य क्रिया की जाएगी। इस शल्य क्रिया के बाद सीपी के भीतर एक छोटा सा नाभिक तथा मैटल ऊतक रखा जायेगा। इसके बाद सीप को इस प्रकार बन्द किया जायेगा कि उसकी सभी जैविक क्रियाएं पूर्ववत चलती रहें। मेंटल ऊतक से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगेगा तथा इसे अन्त में मोती का रूप दिया जायेगा। कुछ दिनों के बाद सीप को चीर कर मोती को निकाल दिया जाएगा।

patrika
IMAGE CREDIT: patrika

इस तरह होगी मोती की खेती
एक्वाकल्चर सेंटर के संचालक एवं सह-संचालक डॉ अरविन्द शुक्ल एवं डॉ शिवि भसीन ने बताया कि विवि के उज्जैन के सेंटर में मोती का निर्माण करने में 12 से 15 महीने लगेंगे एवं इस प्रक्रिया में जीवित सीपों में छोटी सी शल्य क्रिया करनी होती है, जिसके बाद सीपों को कोई भी रूप दिया जा सकता है। जैसे गणेश या फूल की आकृति जिससे मोती एक सुंदर आकार ले लेता है। प्राणिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ सलिल सिंह ने बताया कि मोती उत्पादन का सर्वश्रेष्ठ समय शरद ऋतु है और वर्तमान परिस्थितियों में यह प्रयास किया जा रहा है कि सितम्बर-अक्टूबर तक एक्वाकल्चर सेंटर में मोती का निर्माण किया जा सके।

रोजगारपकर पाठ्यक्रमों का संचालन
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि एक्वाकल्चर सेंटर में मोती की खेती करने के साथ-साथ इसका प्रशिक्षण किसानों, विद्यार्थियों एवं नौजवानों को दिया जाएगा जो इसका उपयोग कर अपने स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकेंगे एवं विक्रम विश्वविद्यालय अपने कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में ऐसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को निरंतर रूप से संचालित करता रहेगा, जिससे समाज की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता रहे।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather. राजस्थान में आज 18 जिलों में होगी बरसात, येलो अलर्ट जारीसंस्कारी बहू साबित होती हैं इन राशियों की लड़कियां, ससुराल वालों का तुरंत जीत लेती हैं दिलशुक्र ग्रह जल्द मिथुन राशि में करेगा प्रवेश, इन राशि वालों का चमकेगा करियरउदयपुर से निकले कन्हैया के हत्या आरोपी तो प्रशासन ने शहर को दी ये खुश खबरी... झूम उठी झीलों की नगरीजयपुर संभाग के तीन जिलों मे बंद रहेगा इंटरनेट, यहां हुआ शुरूज्योतिष: धन और करियर की हर समस्या को दूर कर सकते हैं रोटी के ये 4 आसान उपायछात्र बनकर कक्षा में बैठ गए कलक्टर, शिक्षक से कहा- अब आप मुझे कोई भी एक विषय पढ़ाइएUdaipur Murder: जयपुर में एक लाख से ज्यादा हिन्दू करेंगे प्रदर्शन, यह रहेगा जुलूस का रूट

बड़ी खबरें

काली मां पर टिप्पणी के बाद BJP ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, की गिरफ्तारी की मांगयूपी को बड़ी सौगात, काशी को 1800 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे पीएम Modi, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का करेंगे लोकार्पणDelhi Shopping Festival: सीएम अरविंद केजरीवाल का बड़ा ऐलान, रोजगार और व्यापार को लेकर अगले साल होगा महोत्सवसलमान के वकील को लॉरेंस गुर्गों की धमकी, मूसेवाला हाल करेंगेशिखर धवन बने टीम इंडिया के नए कप्तान, वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम का हुआ ऐलानMaharashtr: नासिक में 'सूफी बाबा' ख्वाजा सैय्यद चिश्ती की हत्या, सिर में मारी गई गोली, अफगानिस्तान से था नाताKaali Poster Controversy: कनाडा के म्यूजियम ने हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाने पर मांगी माफी, नहीं दिखाई जाएगी 'काली' फिल्मविराट कोहली जल्द लेंगे क्रिकेट से संन्यास, ये 2 खिलाड़ी ले सकते हैं उनकी जगह!
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.